भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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Communist Party of India, U.P. State Council

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शनिवार, 22 मई 2010

Bardhan demands shifting POSCO steel plant site

South Asia Mail today reported as under :Bhubaneswar, May 21 (IANS) The agitation over the $12 billion steel project by South Korean steel major POSCO in Orissa seemed nowhere near its end Friday with the Communist Party of India demanding a change in the location of the greenfield plant. "We want the whole project to be shifted from the...
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सड़क परिवाहन श्रमिकों का अखिल भारतीय विराट धरना

२३ अप्रैल २०१० को नेशनल फेडरेशन ऑफ इण्डियन रोड ट्रान्सपोर्ट वर्कर्स (एन।एफ.आई.आर.टी.डब्ल्यू.) के आह्वान पर देश के हर कोने से आये हजारों सड़क परिवहन श्रमिकों ने नई दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर अखिल भारीतय विराट धरना आयोजित किया। इनमें से अधिकांश राज्य सड़क परिवहन उपक्रमों के श्रमिक थे, जबकि शेष निजी क्षेत्र के यात्री सड़क परिवहन एवं माल सड़क परिवहन के श्रमिक थे।ईशर सिंह, बी. रामाराव, बल्देव सिंह, घनघस एवं एच.वी. अनन्त सुब्बाराव की अध्यक्ष...
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मुंबई किसकी...?

मुंबई किसकी? दिल्ली किसकी? और फिर चेन्नई और कोलकाता किसका? यह सिलसिला कहां रूकेगा? कोई पूछेगा भारत किसका?दिल्ली छोड़कर बाकी तीनों महानगरों के नाम आजाद भारत में क्षेत्रीय बोलचाल के अनुरुप ढाले गये। पर नये नामकरण का मतलब यह तो नहीं कि मुकामी सरदारों को महानगरों का ठेकेदार बनने दिया जाय और जनगण को इन्हीं ठेकेदारों की मनमर्जी के हवाले कर दिया जाय। इतिहास साक्षी है कि दिल्ली में कोई पंद्रह राजे-महारजे हुए और दिल्ली कम से कम पंद्रह मर्तबा...
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बैंक कर्मचारियों का वेतन वार्ता हेतु नवॉं वेतन समझौता - दो लाख 60 हजार सेवारत व एक लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन लाभ

तीस माह की लम्बी जद्दोजहद के बाद अन्ततोगत्वा ऑल इंडिया बैंक इम्पलाईज एसोसियेषन के नेतष्त्व में यूएफबीयू द्वारा 8 लाख बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों, जो कि 26 सरकारी बैंकों, 12 निजी बैंकों और 8 विदेषी बैंकों में काम करते हैं, के वेतन वष्द्धि हेतु द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये गये जिससे 01।11.2007 से 17.50 प्रतिषत् की वेतन वृद्धि पिछली बकाया राषि के भुगतान सहित कर्मचारियो ंको मिलने का मार्ग प्रषस्त हो गया। इस समझौते से...
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बंधुआ मजदूरी का बदलता चेहरा

बंधुआ मजदूरों का जिक्र करने पर सरकार का सीधा और साफ जवाब होगा कि अब देश में मजदूरों को बंधुआ नहीं बनाया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें दोनों इस बात पर साथ-साथ दिखाई पड़ती हैं। केंद्र व राज्य सरकरों के श्रम मंत्रालय की जारी रपटों से इस बात की हमें जानकारी भी मिलती है कि देश में न तो अब बंधुआ मजदूर हैं और न बनाए जा रहे हैं। देश में बंधुआ मजदूरी उन्मूलन का कानून 1975 से लागू है। इस कानून के लागू होने के बाद से सरकारों ने अपने...
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मई दिवस 2010: नई जिम्मेदारियां

पिछले वर्षों के समान इस वर्ष भी दुनिया भर के मजदूर एक मई को इकट्ठा होकर और जुलूसों की शक्ल में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनायेंगे। साथ ही वे अपनी उपलब्धियों और असफलताओं का जायजा लेंगे, समस्याओं पर विचार करेंगे और 21वीं सदी की आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी शक्ति इकट्ठा करेंगे।हाल में जो समस्या सबसे विकराल रूप धारण कर रही है वह है खाद्यान्नों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की तेजी से बढ़ती हुई कीमतें। इनका मजदूरों और गरीबों...
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बोलीविया से उम्मीदें

बोलीविया के कोचाबांबा शहर में 19-24 अप्रैल तक जलवायु परिवर्तन पर सम्मेलन हुआ। इसमें दुनिया भर से सत्तर सरकारों के नुमाइंदों और 15 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। बोलिविया का तीसरा सबसे बड़ा शहर कोचाबांबा दुनिया भर में पानी के निजीकरण के खिलाफ महान संघर्ष के लिए जाना जाता है। इस शहर पर सारे विश्व की नजरें टिकीं हुई थीं कि यह एक न्यायसंगत जलवायु परिवर्तन समझौते को अपने मुकाम तक पहुंचाएगा।सम्मेलन से पहले आइसलैंड में हुई घटना के कारण करीब...
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संसद में भाकपा - दंतेवाड़ा में 62वीं बटालियन पर माओवादियों के हमले पर बयान

उप सभापति महोदय। सर्वप्रथम हमारी पार्टी यानि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की हत्या की कड़े से कड़े शब्दों में भर्त्सना करती है। हमारी पार्टी मारे गये उन जवानों के परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना और सहानुभूति प्रगट करती है। छत्तीसगढ़ में हुई घटना पर गृहमंत्री का बयान विशेष है। लेकिन मैं अति विशेष होना चाहता हूं।आज छत्तीसगढ़ में जनजातियों के लोग मजबूरन हाशिये पर आ रहे हैं। उन्हें कठोर यातनाएं दी...
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