भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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शुक्रवार, 12 दिसंबर 2014

विभाजन और घ्रणा की राजनीति का नया हथकंडा है- धर्मान्तरण : भाकपा

बंटवारे की घ्रणित राजनीति का नया हथकंडा है धर्मान्तरण : भाकपा लखनऊ- १२ दिसंबर : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कहा है कि आगरा, अलीगढ़ एवं अन्य स्थानों पर संघ परिवार के घटकों द्वारा छेड़ा गया ‘धर्मान्तरण जेहाद’ भाजपा एवं आर.एस.एस. द्वारा मोदी सरकार की वायदा खिलाफी से ध्यान हठाने और वोट के लिये बंटवारे की घ्रणित राजनीति करने का ही हथकंडा है. यदि जनता जनार्दन ने भाजपा और संघ की इन ओछी हरकतों को पहचानने में देरी की और धर्मनिरपेक्ष दलों ने ससमय इन करतूतों का जबाव नहीं दिया तो यह देश को गंभीर संकट में डाल देगा. भाकपा ने समाजवादी पार्टी और उसकी राज्य सरकार पर आगरा के धर्मान्तरण प्रकरण में मुज़फ्फर नगर कांड जैसी दोमुहीं रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है. यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा देने वाली भाजपा की केन्द्र सरकार जब कारपोरेटों और पूंजीपतियों के हित चिन्तन में जुट गयी और आम जनता की तबाही का रास्ता खोल दिया तो सरकार की विश्वसनीयता पर संकट के बादल मंडराने लगे. महंगाई, भ्रष्टाचार और अन्य जनविरोधी नीतियों से त्राहि त्राहि कर रही आमजनता का ध्यान इन समस्यायों से हठाने और विभाजन के जरिये वोट बैंक को बनाये रखने के उद्देश्य से भाजपा और संघ परिवार तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, और इस फहरिस्त में अब एक और स्टंट जुड़ गया है- धर्मान्तरण. सत्ता में आने के कुछ ही दिनों बाद संघ परिवार ने पहले लव जेहाद को उछाला. फिर गाँधी, नेहरु, पटेल, विवेकानंद, शहीद भगतसिंह एवं राजा महेन्द्र प्रताप की विरासत को हड़पने की कोशिश की. इससे जुड़े भगवा वस्त्रधारी महंतों, साध्वियों एवं महाराजों ने अल्पसंख्यकों एवं उनके प्रति उदार द्रष्टिकोण अपनाने वालों के खिलाफ घिनौनी और भड़काऊ शब्दावली में विष वमन किया. फिर गीता को राष्ट्रीय पुस्तक बनाने का शिगूफा छोड़ा गया. भाजपा के एक सांसद द्वारा महात्मा गाँधी के हत्यारे को देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया. इससे भी बढ कर अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण का राग इसके अलग अलग भोंपू लगातार अलापते रहते हैं जिनमें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल सबसे आगे हैं. राज्यपाल श्री नाइक ने इस संवैधानिक पद की गरिमा और मर्यादा को भारी क्षति पहुंचाई है. इसका उद्देश्य विपक्षी दलों को इन्हीं मुद्दों पर उलझाये रखना है ताकि वे सरकार के जनविरोधी कामों पर पर्याप्त आक्रमण न कर पायें. यहाँ यह भी आश्चर्यजनक है कि देश विदेश में भारत की छवि निखारने का दंभ पाले प्रधानमंत्री मोदी इन घटनाओं पर खामोश हैं और भाजपा निर्लज्जता से इन सभी को जायज ठहराने में जुटी है. भाकपा ने सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वह भाजपा और संघ परिवार की दोहरी चालबाजियों पर चहुंतरफा हमला करे. भाकपा ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि वह आगरा धर्मान्तरण प्रकरण के दोषियों के खिलाफ अविलम्ब कारगर कार्यवाही करे तथा इस हेतु अलीगढ़ में २५ दिसंबर को प्रस्तावित आयोजन पर रोक लगाये. भाकपा ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से अपील की कि खुल कर संघ के एजेंडे पर काम कर रहे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाइक को वापस बुलाने की मांग राष्ट्रपति महोदय के समक्ष उठायें. भाकपा राज्यपाल के संविधान विरोधी कृत्यों के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रही है. डा.गिरीश ने बताया कि वामपंथी दल केन्द्र सरकार के जनविरोधी क्रियाकलापों एवं भाजपा एवं संघ की सांप्रदायिक करतूतों के खिलाफ ८ दिसंबर से ही सारे देश और उत्तर प्रदेश में आन्दोलन चला रहे हैं जिसके तहत प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न जिलों में धरने प्रदर्शन होरहे हैं. इसी क्रम में कल लखनऊ में भी वामदल सडकों पर उतरेंगे. डा.गिरीश
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