भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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Communist Party of India, U.P. State Council

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शनिवार, 23 नवंबर 2019

CPI, U.P. on Maharashtra


प्रकाशनार्थ
घोर अनैतिक और असंवैधानिक है महाराष्ट्र का सत्ता हस्तांतरण
विपक्ष को एकजुट हो जनता के बीच जाना होगा: भाकपा
लखनऊ- 23 नवंबर 2019, महाराष्ट्र में भाजपा द्वारा रात के अंधेरे में सरकार बनाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने कहाकि अरुणाञ्चल, गोवा और कर्नाटक आदि में तख़्ता पलट के बाद भाजपा ने एनसीपी में सैंध लगा कर आज महाराष्ट्र में भी अवैध सत्ताहरण कर लिया। भाकपा इस घोर अवसरवादी, असंवैधानिक, आलोकतांत्रिक और अनैतिक कारगुजारी की कड़े शब्दों में निन्दा करती है। इस पाप को जनता का मेंडेट बता कर छिपाया नहीं जसकाता।
इस घटना से संवैधानिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों के क्रियाकलापों के बारे में बेहद चिन्ता योग्य सवाल खड़े होगये हैं।
जिन वजहों से राष्ट्रपति शासन लगाया गया वह कैसे रातोंरात खत्म होगयीं और उसे  समाप्त करा दिया गया और एक अवैध सरकार पदारूढ़ कर दी गयी। जो भाजपा दो सप्ताह पहले सरकार बनाने में असमर्थता प्रकट कर चुकी थी रातोंरात उसके बहुमत के दाबों का राज्यपाल ने कैसे परीक्षण कर लिया। तीव्र सूचना माध्यम भी अभी तक अनभिज्ञ हैं कि राज्यपाल ने फड़नवीस के पक्ष में खड़े विधायकों की वैधता तसदीक की अथवा नहीं। और अगर की तो उसकी प्रक्रिया और परिणाम जनता के सामने क्यों नहीं रखे गये? क्यों केन्द्र से लेकर दो तिहाई भारत पर राज्य करने वाली पार्टी के मुख्यमंत्री को रात के अंधेरे में सरकार गठन की कारगुजारी करनी पड़ी।
हमारी द्रढ़ राय है कि सारा खेल भाजपा और केंद्र सरकार में बैठे शीर्ष नेत्रत्व की अगुवाई में खेला गया है। महाराष्ट्र में भाजपा के नेता राणे ने सप्ताह भर पहले मीडिया के सामने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि उन्हें सरकार बनाने के लिये बहुमत जुटाने का निर्देश मिला है और हम किसी भी कीमत पर सरकार बनायेंगे। ये कीमत इतनी घ्रणित होगी किसी ने भी शायद ही सोचा हो। तोडफोड और राजनैतिक बलात्कार का यह खेल आगे भी जारी रहेगा।
सभी विपक्षी दलों को संवैधानिक मर्यादाओं के लगातार हनन के विरूध्द एकजुट होकर जनता के बीच जाना होगा और जनता को जाग्रत कर भाजपा की अनैतिक और असंवैधानिक गतिविधियों के विरूध्द लामबंद करना होगा। भाजपा की गोद में झूल रही क्षेत्रीय पार्टियों को भी अपने अस्तित्व की रक्षा के लिये सावधान होजाना चाहिये।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

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सोमवार, 18 नवंबर 2019

CPI on Unnav


प्रकाशनार्थ
उन्नाव के उद्वेलित किसानों से वार्ता करे सरकार
अपने ही लोगों से लाठी- गोली से निपटना अनुचित और निंदनीय
लखनऊ- 18 नवंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने उन्नाव में दो दिन से किसानों पर होरहे लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर हैरानी जताई है और सरकार से किसानों के मुद्दों का हल निकालने की मांग की है।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति में अब भी खामियाँ हैं और किसानों को हमेशा ऐसा लगा रहता है कि सरकार उनकी ज़मीनों को कम कीमत पर लेकर अधिक कीमत पर बेच कर लाभ कमाती है। यदि उन्हें यह विश्वास हो कि उनकी दीगई भूमि से होने वाले लाभ में उनका भी हिस्सा होगा तो किसानों को सड़क पर उतरने को बाध्य न होना पड़ता।
डा॰ गिरीश ने कहाकि उन्नाव के किसानों को क्या पता था कि जिस सरकार को वे अपनी सरकार समझते हैं वह उनके साथ कश्मीरियों जैसा वर्ताव करेगी। पुलिसजनों को भी शायद ही आभास रहा हो कि अपने हुक्मरानों के आदेश पर वे अपने जिन किसान भाइयों से दरपेश हैं वे आक्रोश में उनके लिये पत्थर उठा लेंगे।
भाकपा राज्य सचिव ने सरकार से मांग की किसानों को वार्ता कर संतुष्ट करे और वेवजह बल प्रयोग से बाज आये।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

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शनिवार, 9 नवंबर 2019

CPI, U.P. on Ayodhya Verdict


प्रकाशनार्थ
अयोध्या फैसले पर भाकपा उत्तर प्रदेश का बयान

लखनऊ- 9 नवंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय जिसे कि संविधान द्वारा विवाद निस्तारण की सर्वोच्च संस्था का दर्जा दिया है, ने लंबे समय से लंबित अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले से दशकों से लंबित एक कानूनी विवाद का पटाक्षेप होगया है।
सभी आस्थाओं को समान बताते हुये सम्मानित सर्वोच्च अदालत ने यह संतुलित और स्वीकार्य फैसला दिया है। इसे नीति, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये। इसे किसी भी पार्टी, पक्ष और वादी की जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिये। किसी को भी भड़कावे की किसी भी कार्यवाही से बचना चाहिये।
भाकपा उत्तर प्रदेश रेखांकित करती है कि फैसला आने के बाद पूरा दिन बीत जाने के बाद देश और प्रदेश से किसी अप्रिय वारदात की कोई सूचना नहीं मिली है। यह मेल मिलाप की हमारी साझा विरासत और सन्स्क्रति की देन है। पार्टी सभी से अपील करती है कि वे आगे भी शांति और सद्भाव बनाये रखें।
भाकपा फैसले का गहनता से अध्ययन करेगी और भविष्य में उसके प्रभावों पर विचार करेगी।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

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सोमवार, 4 नवंबर 2019

CPI Demands Resignation of Power Minister


प्रकाशनार्थ
भाकपा राज्य कार्यकारिणी की बैठक संपन्न
ऊर्जा मंत्री को हटाये जाने की मांग की
आंदोलन संबंधी कई निर्णय लिये गये
लखनऊ- 4 नवंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी ने यूपी पावर कोरपोरेशन के कर्मचारियों के भविष्यनिधि के धन के निवेश में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को गंभीरता से लेते हुये इसके लिये राज्य सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
यहाँ संपन्न भाकपा राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि भ्रष्टाचार का खुलासा होने पर कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच की सिफ़ारिश अथवा पिछली सरकार पर आरोप लगा कर योगी सरकार भ्रष्टाचार के इन आरोपों से मुक्त नहीं हो सकती। यहाँ गंभीर सवाल यह उठता है कि मौजूदा सरकार में ढाई साल से यह घोटाला चल रहा था और सरकार खामोश थी। अपनी इस खामोशी का जबाव योगी सरकार को देना ही होगा।
भाकपा ने मांग की कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को तत्काल हटाया जाना चाहिये। उनके पद पर रहते किसी भी एजेंसी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। सीबीआई से भी नहीं जो कि भाजपा सरकार के पिंजड़े का तोता बनी हुयी है।
भाकपा राज्य कार्यकारिणी ने इस सवाल को जनता की अदालत में लेजाने का निर्णय भी लिया है। पूरे नवंबर महीने जिलों में पंचायत- बार्ड स्तर से शुरू कर जिला स्तर तक सभाएं, जागरूकता मार्च, हस्ताक्षर अभियान तथा धरने और प्रदर्शन कर ऊर्जा मंत्री को बर्खास्त करने, सभी दोषियों को कठोर सजा दिलाने, कर्मचारियों के धन को उन्हें मिलने की गारंटी करने और उत्तर प्रदेश में हर सरकारी विभाग में फैले अपार भ्रष्टाचार से जनता को निजात दिलाने की मांग की जायेगी।
इसके अतिरिक्त बिजली की बढ़ी दरें कम करने, बिजली विभाग द्वारा अतिरिक्त सीक्यौरिटी के नाम पर बसूली जारही भारी धनराशि की बसूली पर रोक लगाने, राशन प्रणाली को पूर्व की तरह सर्व सुलभ बनाने, महंगाई पर लगाम लगाने, तमाम विभागों में खाली पड़ी जगहों पर भर्ती करने, मनरेगा के तहत काम देने, किसानों की एकमुश्त कर्जमाफी व उन्हें फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने, कानून व्यवस्था दुरुस्त करने तथा दलितों, महिलाओं और सभी कमजोर तबकों पर होरहे अत्याचारों को रोके जाने समेत स्थानीय सवालो को भी उठाया जायेगा
राज्य कार्यकारिणी ने राम मन्दिर- बाबरी मस्जिद विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अगले सप्ताह संभावित फैसले को द्रष्टिगत रखते हुये राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाये रखने को कड़े कदम उठाने की मांग की है। अभी से इस बात पर ध्यान देने की मांग की है कि परंपरागत दबंग सांप्रदायिक तत्व अशांति फैलाने के अपने षडयंत्रों में आम लोगों को न फंसा लें। भाकपा ने रेखांकित किया कि आम लोग केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों और तानाशाहीपूर्ण कारगुजारियों से व्यथित हैं और किसी पचड़े में पड़ना नहीं चाहते। परंतु उनकी इन गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने को सरकार समर्थक तत्व किसी भी हद तक जा सकते हैं। भाकपा ने अपने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आग्रह किया है कि वो चौकसी बरतें और भाईचारा बनाये रखने को हर जन- प्रयास करें।
भाकपा राज्य कार्यकारिणी ने अपने शीर्षस्थ और संघर्षशील नेता कामरेड गुरुदास दासगुप्ता के निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें श्रध्दांजलि अर्पित की। संसदीय पटल से उनके द्वारा जनता के हित में की गयी कार्यवाहियों और बेहद विपरीत दौर में देश के ट्रेड यूनियन आंदोलन को पुनः खड़ा करने के उनके प्रयासों को जनता के बीच लेजाने का निर्णय भी राज्य कार्यकारिणी ने लिया है। इसके लिये पूरे नवंबर माह जिलों में श्रध्दांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगीं जिनमें सभी मजदूर कर्मचारी संगठनो, सामाजिक संगठनों और राजनैतिक दलों और संघर्षशील व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जायेगा।
बैठक में राजनैतिक एवं चुनाव समीक्षा रिपोर्ट राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने प्रस्तुत की। सहसचिव कामरेड अरविन्दराज स्वरूप ने सदस्यता नवीनीकरण आदि सांगठनिक सवालों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक की अध्यक्षता कामरेड गफ्फार अब्बास ( एडवोकेट ) मथुरा ने की।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश  

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