भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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मंगलवार, 20 अगस्त 2019

Reduce Prices of Energy Sources: CPI ask Govt. of UP


ऊर्जा के प्रमुख आधारों को महंगा बना रही है राज्य सरकार

भाकपा ने सभी बढ़ोत्तरियों को तत्काल वापस लेने की मांग की


लखनऊ- 20 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में पेट्रौल और डीजल पर वैट की दरों में व्रध्द्धि को अनुचित और असामयिक बताया है। इस व्रद्धि से प्रदेश में आज से पेट्रोल की कीमतें 2॰ 33 रुपये और डीजल की कीमतें 98 पैसे प्रति लीटर बढ़ गईं।
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार डीजल वाहनों पर 2 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाने का फैसला पहले ही लेचुकी है। बिजली के नये कनेक्शनों सहित कई मदों की दरें भी बढाई  जारही हैं। ऊर्जा के इन प्रमुख आधारों की कीमतों में व्रद्धि का असर हर वस्तु की कीमतों और नागरिक परिवहन पर भारी पैमाने पर पड़ने जारहा है। इससे अर्थव्यवस्था में धीमेपन को झेल रही जनता पर और अधिक आर्थिक मार पड़ने जा रही है। विकास की दर और भी ठिठकने जारही है।
भाकपा जनहित में इन बड़ोत्तरियों की वापसी की मांग करती है। यूपी में पेट्रौल- डीजल की कीमतें और वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क कई राज्यों से पहले ही ज्यादा है। भारी वाहन टैक्स और सड़क निर्माण के लिये डीजल- पेट्रौल पर अतिरिक्त कर ( सेस ) बसूले जाने के बाद सार्वजनिक और निजी वाहन स्वामियों को टोल टैक्स अलग से देना पड़ रहा है। इस सबसे उत्तर प्रदेश में महंगाई और मंदी की भारी मार जनता को झेलनी पड़ रही है।
एक ऐसी सरकार जो रामराज्य लाने के दाबे करती रही है से ऐसी बढ़ोत्तरियों की उम्मीद नहीं थी। जनहित और प्रदेश के विकास के लिये भाकपा इन सबकी अबिलंब वापसी की मांग करती है।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश






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