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सोमवार, 29 जुलाई 2019

Unnav Rape case: CPI for CM's Resignation


बलात्कार पीड़िता को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिये दिल्ली भेजा जाये।

नैतिकता का तकाजा है कि मुख्यमंत्रीजी स्तीफ़ा दें: भाकपा


लखनऊ- 29 जुलाई 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने यहाँ जारी बयान में कहाकि उत्तर प्रदेश में सरकार समर्थित गुंडाराज ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं। सोनभद्र में 10 लोगों के दिन दहाड़े बहाये गये रक्त की लालिमा अभी ओझल हो नहीं पाई थी कि उन्नाव की बलात्कार पीड़िता को परिवार सहित नेस्तनाबूद करने की नई कहानी लिख दी गई। दुर्घटना जिसमें केस की गवाह सहित दो महिलाओं की मौत होगयी और पीड़िता सहित अन्य लोग जिंदगी- मौत के बीच जूझ रहे हैं, योगी सरकार के माथे पर कलंक का अमिट टीका है।
सारे प्रदेश और देश को स्तब्ध करने वाली इस घटना की भाकपा तीव्र शब्दों में भर्त्सना करती है। भाकपा पीड़ितों के परिवारों के प्रति ह्रदय की गहराइयों से संवेदनाएं व्यक्त करती है। भाकपा मांग करती है कि पीड़िता और अन्य घायलों को इलाज के लिये राज्य सरकार एयर एंबुलेंस से किसी उच्च अस्पताल को फौरन भेजे और सभी के इलाज की पूरी ज़िम्मेदारी ले।
दुर्घटना के सारे हालात बताते हैं कि यह एक गहरी साजिश है। साजिशकर्ता कोई और नहीं, भाजपा का बाहुबली विधायक है- जिसे समूची भाजपा की सरपरस्ती हासिल है। अतएव पीड़िता और अन्य को सरकार और सीबीआई से न्याय शायद ही मिल पाये। अतएव पूरी घटना की उच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीश से कराई जाये, भाकपा ने मांग की है।
भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि उत्तर प्रदेश में एक से बढ़ कर एक संगीन वारदात होरही हैं लेकिन सरकार के मुखिया संज्ञान लेने तक सीमित रह जाते हैं। लोकतन्त्र में शासन में बैठे लोगों की भी नैतिक ज़िम्मेदारी होती है और मुख्यमंत्रीजी को इन घटनाओं की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुये तत्काल पद से स्तीफ़ा देना चाहिए। विपक्ष के ऊपर ज़िम्मेदारी डाल कर अथवा पिछली सरकारों के कार्यकाल की घटनाओं के उदाहरण देकर वे ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते।
डा॰ गिरीश ने कहाकि आज कल मुख्यमंत्री जी समय समय पर लोहिया जी का उदाहरण देते रहते हैं। उन्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि गोलीकांड में एक व्यक्ति की मौत पर लोहियाजी ने केरल की थानू पिल्लई सरकार से स्तीफ़ा लेलिया था। अतएव मुख्यमंत्रीजी से अनुरोध है कि लोहिया जी के पथ का अनुशरण करें और उत्तर प्रदेश में होरहे निरीहों के रक्तपात, बलात्कार और अत्याचारों की ज़िम्मेदारी लेते हुये तुरंत पद त्याग करें।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश


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गुरुवार, 25 जुलाई 2019

Protest of CPI in UP on District Headquarters


प्रकाशनार्थ

घोरावल ( सोनभद्र ) हत्याकांड के विरोध में भाकपा ने प्रदेश भर में व्यापक प्रदर्शन किये

 

लखनऊ- 25 जुलाई 2019, घोरावल ( सोनभद्र ) नरसंहार के दोषियों पर रासुका लगाने, समूचे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायधीश से कराने, घटना में सहयोगी और उसके लिये जिम्मेदार सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को निलंबित कर दंडित किये जाने, घटना में हर म्रतक के परिवारी को रुपये 50 लाख प्रति म्रतक मुआबजा दिये जाने, प्रत्येक घायल को रुपये 5 लाख सहयोग के तौर पर दिये जाने, वर्षों से ज़मीनों को जोत- बो रहे आदिवासियों को ज़मीनों पर कब्जा और स्वामित्व दिये जाने, आदिवासी अधिनियम को लागू किये जाने, पुराने सीलिंग कानून को पुनर्जीवित कर प्रदेश भर में माफियाओं के कब्जे वाली ज़मीनों को भूमिहीनों में वितरित किये जाने और उत्तर प्रदेश में भूमि आयोग गठित किये जाने आदि प्रमुख मांगों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आज समूचे उत्तर प्रदेश में अधिकतर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया।  
प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन संबन्धित जिलों के जिलाधिकारी के माध्यम से  प्रेषित किये गये। इन ज्ञापनों में दलितों, अल्पसंख्यकों और अन्य के खिलाफ होरही मोब लिंचिंग रोके जाने, उत्तर प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और बिजली की दरों में प्रस्तावित व्रद्धि को वापस लिये जाने आदि मांगें भी शामिल थीं। घोरावल नरसंहार जिसमें की 17 जुलाई को 10 आदिवासियों की गोली से भून कर हत्या कर दी गयी के प्रति जनता में व्याप्त आक्रोश ही था कि उत्तर प्रदेश में भाकपा के कार्यकर्ता लगभग 65 जिलों में सड़कों पर उतरे। इसकी खबरें पूर्वान्ह 11 बजे से ही राज्य मुख्यालय पर आने लगीं थीं और आंदोलन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगीं थीं।
जनपद सोनभद्र में जिला मुख्यालय पर जिला सचिव का॰ आर॰ के॰ शर्मा एवं लोकसभा प्रत्याशी रहे अशोक कनौजिया के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया और सभा की गयी। उपर्युक्त मांगों से संबन्धित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी भी थी। जनपद फ़तेहपुर में खागा तहसील पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य मोतीलाल, जिला सचिव फूलचंद पाल एवं राकेश प्रजापति के नेत्रत्व में प्रदर्शन- सभा कर ज्ञापन सौंपा गया।
गाजियाबाद में भाकपा के वरिष्ठ नेता का॰ भारतेन्दु शर्मा एवं जिला सचिव सईद अनवर के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। बागपत जनपद की बड़ौत तहसील पर जिला सचिव राजेन्द्र जैन, सहसचिव राकेश जैन, यशवीर सिंह एवं युवा नेता विक्रांत सिंह के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। फरुखाबाद की तहसील कायमगंज पर  भाकपा जिला सचिव का॰ अमित यादव के नेत्रत्व में धरना प्रदर्शन किया गया।
मूसलाधार वारिश के बावजूद जनपद जालौन के जिला मुख्यालय उरई में नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनय पाठक, भाकपा के पूर्व जिला सचिव विजय सिंह राठौर, देवेश चौरसिया एवं प्रभूदयाल पाल के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। आगरा में राज्य काउंसिल सदस्य ओमप्रकाश प्रधान, सचिव ताराचंद एवं सहसचिव मोहनसिंह जादूगर के नेत्रत्व में प्रदर्शन किया गया और सभा की गयी।
भाकपा के आह्वान पर जनपद चंदौली के चकिया में भाकपा, माकपा, स्वराज अभियान एवं आदिवासी वनवासी सभा के संयुक्त तत्वावधान में गांधी पार्क में विशाल संयुक्त सभा की गयी और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। अध्यक्षता भाकपा जिला सचिव का॰ शुकदेव मिश्रा ने की।
गोरखपुर में का॰ सुरेश राय, राममूर्ति एवं डा॰ आशीष कुमार सिंह के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर धरना एवं सभा कर ज्ञापन सौंपा गया। देवरिया में जिला सचिव आनंद चौरसिया के नेत्रत्व में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। कुशीनगर में वरिष्ठ नेता सगीर अहमद एवं जिला सचिव मोहन गोंड के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।
इसी तरह कानपुर महानगर में भी भाकपा, माकपा, लोकदल, स्वराज्य पार्टी, कांग्रेस, सपा, लोकतान्त्रिक जनतादल आदि ने संयुक्त धरना दिया और सभा की। सभा को भाकपा के प्रदेश सहसचिव अरविन्दराज स्वरूप ने भी संबोधित किया। जनपद कानपुर देहात में भी जिला सचिव हरिमोहन त्रिपाठी के नेत्रत्व में 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
उधर पूर्वाञ्चल के जनपद गाजीपुर में उत्तर प्रदेश किसान सभा के महासचिव का॰ राजेन्द्र यादव, भाकपा जिला सचिव का॰ अमेरिका यादव, जनार्दन राम एवं रामबदन सिंह के नेत्रत्व में कामरेड सरयू पाण्डेय पार्क में प्रदर्शन किया गया। आजमगढ़ में उ॰ प्र॰ किसान सभा के अध्यक्ष इम्तियाज़ बेग, खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष खरपत्तू राजभर, भाकपा के जितेन्द्र हरी पाण्डेय आदि के नेत्रत्व में जुलूस निकाला गया। भदोही में भारतीय खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव फूलचंद यादव, भाकपा नेता भूयाल पाल एवं इंतजार हसन के नेत्रत्व में प्रदर्शन एवं सभा की गयी। हाथरस में का॰ संजय खान के नेत्रत्व में ज्ञापन दिया गया।
वाराणसी में शास्त्रीघाट धरनास्थल पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। सभा को वरिष्ठ नेता विजय कुमार, जिला सचिव जयशंकर सिंह एवं एटक नेता अजय मुखर्जी ने संबोधित किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। जौनपुर में भी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन एवं सभा आयोजित की गयी जिसे सुभाष पटेल, रामनाथ यादव, सालिग्राम पटेल एवं जयप्रकाश सिंह आदि ने संबोधित किया। मैनपुरी में जिला सचिव का॰ रामधन एवं किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राधेश्याम यादव के नेत्रत्व में जुझारू जुलूस निकाल कर ज्ञापन दिया गया।
प्रतापगढ़ में जिला सचिव का॰ रामबरन सिंह के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। हेमंत नन्दन ओझा, कमरुद्दीन एवं महाराजदीन यादव ने भी सभा को संबोधित किया। 
 फैजाबाद में तहसील स्थित तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन एवं सभा का आयोजन किया गया जिसका नेत्रत्व जिला सचिव का॰ रामतीरथ पाठक, रामजीराम यादव, जमुना सिंह एवं सूर्यकांत पाण्डेय ने किया। जनपद अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर भाकपा राज्य काउंसिल सदस्य अशोक तिवारी एवं नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह चौहान के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।  जनपद बाराबंकी में भाकपा राज्य काउंसिल सदस्य रणधीर सुमन एवं जिला सचिव का॰ ब्रजमोहन वर्मा, सहसचिव कौसर खान एवं शिव दर्शन वर्मा के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर सभा की गयी।
बहराइच में भाकपा सचिव सिध्दनाथ श्रीवास्तव एवं सहसचिव कुलेराज यादव के नेत्रत्व में जिला कार्यालय जोशियापुरा से कचहरी तक जुलूस निकाला गया और ज्ञापन दिया गया। बस्ती के जिला मुख्यालय पर जिला सचिव अशर्फीलाल गुप्ता और राज्य काउंसिल सदस्य फूलचंद विकल के नेत्रत्व में धरना हुआ। मेरठ में भाकपा जिला सचिव शरीफ अहमद एवं किसान सभा के नेता जितेंद्र सिंह के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। मुरादाबाद में जिला सचिव रामप्रकाश रस्तोगी के नेत्रत्व में धरना दे ज्ञापन दिया गया।
शाहजहांपुर में वरिष्ठ नेता रामशंकर नेताजी, सुरेश कुमार एवं मो॰ सलीम के नेत्रत्व में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। मथुरा में भाकपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य का॰ गफ्फार अब्बास के नेत्रत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। बुलंदशहर में राज्य कार्यकारिणी के सदस्य अजय सिंह के नेत्रत्व में सयाना तहसील पर ज्ञापन दिया गया। बदायूं में जिला सचिव का॰ रघुराज सिंह के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।
लखनऊ में जिला सचिव परमानंद, मोहम्म्द ख़ालिक़ एवं अकरम हुसैन के नेत्रत्व में पार्टी जिला मुख्यालय से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला गया और ज्ञापन दिया गया। चित्रकूट में जिला सचिव का॰ अमित यादव के नेत्रत्व में पार्टी कार्यालय से सदर तहसील तक नारेबाजी के साथ जुलूस निकाला गया और उपजिलाधिकारी करवी को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। गोंडा में जिला सचिव का॰ रामकिशोर के नेत्रत्व में कलक्ट्रेट परिसर में धरना दे ज्ञापन दिया गया व सभा की गयी। का॰ सुरेश त्रिपाठी, सत्यनारायन त्रिपाठी आदि ने सभा को संबोधित किया। बलरामपुर में जिला सचिव का॰ हाज़ी नब्बन खां के नेत्रत्व में धरना दे ज्ञापन दिया गया।
बलिया, बांदा, बरेली, सीतापुर, महाराजगंज, इलाहाबाद, पीलीभीत, अलीगढ़, अमरोहा, सुल्तानपुर, मिर्ज़ापुर, हरदोई, हमीरपुर, नोएडा, शामली एवं सहारनपुर से भी कार्यक्रम किए जाने की खबरें मिलीं हैं।
 भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने इस आंदोलन को जोरदार ढंग से संपन्न करने हेतु सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।  

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश  


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बुधवार, 24 जुलाई 2019

CPI DEMONSTRATIONS ON DISTRICT HEADQUARTERS AGAINST GHORAVAL MASECRE IN UP TOMMRROW


प्रकाशनार्थ

सोनभद्र नरसंहार के विरुध्द कल ( 25 जुलाई ) को प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी भाकपा


लखनऊ- 24 जुलाई 2019, घोरावल ( सोनभद्र ) नरसंहार के दोषियों पर रासुका लगाने, समूचे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायधीश से कराने, घटना में सहयोगी और उसके लिये जिम्मेदार सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को निलंबित कर दंडित किये जाने, घटना में हर म्रतक के परिवारी को रुपये 50 लाख प्रति म्रतक मुआबजा दिये जाने, प्रत्येक घायल को रुपये 5 लाख सहयोग के तौर पर दिये जाने, वर्षों से जोत- बोरहे आदिवासियों को ज़मीनों पर कब्जा और स्वामित्व दिये जाने, आदिवासी अधिनियम को लागू किये जाने, पुराने सीलिंग कानून को पुनर्जीवित कर प्रदेश भर में माफियाओं के कब्जे वाली ज़मीनों को भूमिहीनों में वितरित किये जाने और उत्तर प्रदेश में भूमि आयोग गठित किये जाने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समूचे उत्तर प्रदेश में कल-   ( 25 जुलाई ) को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी।
प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से  प्रेषित किये जायेंगे। ज्ञापन में मोब लिंचिंग रोके जाने, उत्तर प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और बिजली की दरों में प्रस्तावित व्रद्धि को वापस लिये जाने आदि मांगें भी शामिल की जायेंगी।
भाकपा उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मण्डल ने सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे जोरदारी से प्रदर्शनों का आयोजन करें। भाकपा ने सभी वामपंथी, लोकतान्त्रिक और न्याय के लिये प्रतिबध्द शक्तियों से अनुरोध किया है कि वे भाकपा के इस आंदोलन को सक्रिय सहयोग और समर्थन प्रदान करें।

डा॰ गिरीश

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गुरुवार, 18 जुलाई 2019

उत्तर प्रदेश में घोरावल नर संहार के खिलाफ भाकपा का प्रदर्शन 25 जुलाई को


घोरावल नरसंहार इस दशक का सबसे बड़ा हत्याकांड: भाकपा

नरसंहार मोबलिंचिंग और अन्य सवालों पर 25 जुलाई को प्रदर्शन करेगी भाकपा

 

लखनऊ- 18 जुलाई 2019, घोरावल नरसंहार, मोबलिंचिंग, किसानों की आत्महत्यायें, महिलाओं और दलितों पर अत्याचार, उत्तर प्रदेश की दयनीय कानून व्यवस्था के खिलाफ और बाढ़ की विभीषिका से जान माल की सुरक्षा तथा बिजली के दामों में प्रस्तावित व्रद्धि जैसे प्रमुख सवालों पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 25 जुलाई को प्रदेश भर में सड़कों पर उतरेगी। इस दिन भाकपा जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे जायेंगे।
घोरावल नरसंहार को प्रदेश में इस दशक का सबसे बड़ा नरसंहार बताते हुये भाकपा राज्य सचिव मण्डल ने कहा है कि सोनभद्र, मिर्ज़ापुर तथा तराई के तमाम जिलों में अफसर, नेता और माफिया आदिवासियों, दलितों और कमजोर तबकों की भूमियों पर तमाम तरीकों से जबरिया कब्जे कर रहे हैं। वहाँ आदिवासी अधिनियम का भी सरेआम उल्लंघन होरहा है। राज्य की सरकारें और प्रशासन कब्जे करने वालों के पक्ष में ही खड़े होते हैं। कल सोनभद्र के घोरावल में हुआ नरसंहार सरकार और प्रशासन की इसी करतूत का परिणाम है। आदिवासी दलितों पर हुये एकतरफा कातिलाना हमले को पुलिस प्रशासन अब आपसी झगड़े की शक्ल देने में लगा है।
भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। मोब लिंचिंग, जबरिया जयश्रीराम बोलने को मजबूर करना, महिलाओं दलितों और अन्य कमजोर वर्गों पर अत्याचार, लूट, गोलीकांड, और यहाँ तक कि पुलिसकर्मियों की हत्याएं और हमले आदि पल पल की बात होगयी है। आर्थिक संकट के चलते किसान आत्महत्यायें कर रहे हैं, बाढ़ की विभीषिका से लोग तवाह होरहे हैं मगर शासक लोग भजन कीर्तन में समय जाया कर रहे हैं। लुटी- पिटी जनता के ऊपर बिजली की बढ़ी दरें थोपे जाने की तैयारी भी चल रही है।
25 जुलाई को इन सभी सवालों पर भाकपा जिला केन्द्रों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन देगी। ज्ञापन में घोरावल कांड के समस्त दोषियों को कानून के शिकंजे में कसने को न्यायिक जांच कराने, म्रतकों के परिवारीजनों को रुपये 50 लाख प्रति म्रतक तथा घायलों को 5 लाख हानिराशि प्रदान किये जाने, आदिवासी अधिनियम पर अमल किये जाने, प्रदेश भर में दलितों, आदिवासियों और अन्य कमजोरों की ज़मीनों को कब्जामुक्त किये जाने, महिलाओं दलितों और निर्बल वर्ग पर होरहे अत्याचारों पर रोक लगाने, बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने, किसानों की अर्थव्यवस्था को सुधारे जाने, बाढ़ की तवाही से निजात दिलाने और बिजली की दरों में प्रस्तावित व्रद्धि को रद्द करने की मांग की जायेगी।

डा॰ गिरीश 



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बुधवार, 17 जुलाई 2019

CPI Condemned Ghoraval Carnege


प्रकाशनार्थ

घोरावल हत्याकांड की भाकपा ने निन्दा की

प्रशासनिक लापरवाही देखते हुये न्यायिक जांच की मांग उठाई


लखनऊ- 17 जुलाई, 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने जनपद सोनभद्र की घोरावल तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत मूर्तिया के गांव उभ्भा में हुये गोलीकांड की कड़े से कड़े शब्दों में निन्दा की है। इस जघन्य घटना के लिये पुलिस और प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध मानते हुये भाकपा ने इसकी न्यायिक जांच कराये जाने की मांग की है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि वहां जमीन विवाद काफी पहले से धधक रहा था, लेकिन पुलिस प्रशासन निष्क्रिय बना रहा। परिणामस्वरूप इतना बड़ा कांड होगया जिसमें अब तक 10 स्त्री पुरुषों की जान चली गयी और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि जनपद सोनभद्र में बाहरी लोग पहुँच कर आदिवासियों और अन्य गरीबों की ज़मीनों को तरह तरह से हथिया रहे हैं। आए दिन लोगों को हिंसा और दबंगई को सहना पड़ रहा है। वनाधिकार कानून को भी लागू नहीं किया जारहा। जल जंगल जमीन का जमकर दोहन होरहा है। सरकार और प्रशासन अधिकतर मामलों में शोषक और अत्याचारियों का साथ देरहे हैं। हर बड़ी वारदात पर मुख्यमंत्री कार्यालय से बयान जारी होता है कि मुख्यमंत्रीजी ने संज्ञान लिया है। पर वारदातें रुकने का नाम नहीं लेरही हैं।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने भाकपा की जनपद सोनभद्र इकाई को निर्देश दिया है कि वह घटनास्थल का दौरा कर सचाई उजागर करे और पीड़ितों को न्याय दिलाने को हर संभव कदम उठाये।

डा॰ गिरीश


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