भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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Communist Party of India, U.P. State Council

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शनिवार, 16 जनवरी 2010

बैंकों के विलय का विरोध

नयी दिल्लीः लोकसभा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रबोध पंडा ने स्टेट बैंक आॅफ सौराष्ट्र (रिपील) और स्टेट बैंक आॅफ इंडिया (सबिसिडयरी बैंक्स) संधोधन विधेयक, 2009 का कड़ा विरोध किया।उन्होंने लोकसभा में प्रधानमंत्री के एक भाषण का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भूमंडलीय आर्थिक मंदी के संदर्भ में कहा था कि हमारे देश में बैंकिग प्रणाली...
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डाॅ. रशीद जहाँ और प्रगतिशील आन्दोलन

रशीद जहाँ और प्रगतिशील आन्दोलन एक ही तस्वीर के दो पहलू - कि दोनों को अलग करके देखा नहीं जा सकता, परन्तु यह कहना मुश्किल है कि रशीद जहाँ जो कुछ थीं, उसे प्रगतिशील आन्दोलन ने बनाया, सच यह है कि इस आन्दोलन ने उन्हें एक नया जोश और दृष्टिकोण ज़रूर दिया वर्ना तरक़्क़ीपसन्दी, रौशनख्याली और आजादी तो वह अपनी विरासत में, बल्कि खून में लेकर आयी थीं।...
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प्रगतिशील लेखकों के राष्ट्रीय महासंघ (लखनऊ) का घोषणा पत्र

हम भारत के प्रगतिशील लेखक जो अपने संगठन के स्वर्ण जयन्ती-समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय प्रगतिशील लेखक महासंघ के चैथे सम्मेलन में एकत्र हुए हैं, फिर एक बार प्रगतिशील आन्दोलन के महान उद्देश्य के प्रति, जनतंत्र, धर्म निरपेक्षता, विविधता के बीच देश की एकता और समाजवाद के ध्येय के प्रति अपने को समर्पित करते हैं।हमें इस बात की गहरी चिंता है कि राष्ट्रीय...
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क्रांति के लिए (शंकर शैलेन्द्र)

क्रांति के लिए उठे कदमक्रांति के लिए जली मशालभूख के विरुद्ध भात के लिएरात के विरुद्ध प्रात के लिएमेहनती गरीब जात के लिएहम लड़ेंगे हमने ली कसम - ३छिन रही हैं आदमी की रोटियांबिक रही हैं आदमी की बोटियाँकिन्तु सेठ भर रहे है कोठियांलूट का ये राज हो ख़तम - ३गोलियों की गंध में घुटी हवाहिंद जेल आग में तपा तवाखद्दरी सफ़ेद कोढ़ की दवाखून का स्वराज हो ख़तम - ३जंग चाहते है आज जंगखोरताकि राज कर सकें हरामखोरपर जवान है, जहान है कठोरडालरों का जोर...
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