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शुक्रवार, 25 सितंबर 2020

किसान विरोधी कानून पर हस्ताक्षर न करें राष्ट्रपति : वाम दल

 

किसानों के सफल प्रतिरोध के लिये वाम दलों ने उन्हें बधाई दी

 

विपक्ष पर किसानों को भड़काने का आरोप लगा कर किसानों का अपमान कर रहे हैं प्रधानमंत्री

 

लखनऊ- 25 सितंबर 2020, उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों ने कहा कि किसान विरोधी क़ानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का संयुक्त प्रतिरोध आज उत्तर प्रदेश में व्यापक पैमाने पर संपन्न हुआ। किसानो और उनके समर्थक दलों और  संगठनों ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर धरने दिये, प्रदर्शन किये, रास्ते जाम किये और सरकार के पुतले फूंके। अनेक जगह किसानों के समर्थन में बाजार भी बन्द हुये।

उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों ने इस अभूतपूर्व कार्यवाही के लिए उत्तर प्रदेश और देश के किसानों, मजदूरों, युवाओं एवं छात्रों को बधाई दी है। वामपंथी पार्टियों, उनके सहयोगी मजदूर, छात्र और नौजवान संगठनों ने भी इस कार्यवाही में बड़े पैमाने पर भाग लिया और सरकार को उसके कुक्रत्यों पर आईना दिखाया।

वामपंथी दलों का आरोप है कि किसान विरोधी इन काले क़ानूनों का हमला देश के 90 प्रतिशत किसान झेल नहीं पायेंगे। अपनी उपजों की कीमतों के लिए वे कारपोरेट घरानों के सामने घुटने टेकने और अंततः अपनी ज़मीनों को कार्पोरेट्स के आगे सरेंडर करने को मजबूर होंगे। ये विशाल किसान समुदाय को मजदूर बनाने की साजिश है। ये मंडी समितियों की खरबों रुपये की संपत्ति को कार्पोरेट्स के क्रषि माल्स के लिये सौंपने की तैयारी है। यह कथित राष्ट्रवादियों का विश्व व्यापार संगठन और बहुराष्ट्रीय निगमों के सामने शर्मनाक सरेंडर है।

वामपंथी दलों ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों पर किसानों को भड़काने का आरोप लगा कर किसानों का अपमान कर रहे हैं। सरकार की नीतियों से खोखले बनने से क्षुब्ध किसान जब प्रतिरोध कर रहे हैं तो पीएम उनकी बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। यह आपत्तिजनक भी है और निंदनीय भी। वामपंथी दलों ने किसान कार्यवाहियों को पुलिस बलों के बल पर बाधित करने का आरोप भी लगाया। उन्होने देश में कई जगह किसानों पर संघियों के संगठित गिरोहों के हमलों की भी निन्दा की।

वामपंथी दलों ने देश के राष्ट्रपति से मांग की कि वे किसान हित में काले क़ानूनों पर हस्ताक्षर न करें। अन्यथा यह प्रतिरोध शायद ही थमेगा।

उपर्युक्त बयान भारत की कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी के राज्य सचिव डा॰ हीरालाल यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- माले के राज्य सचिव का॰ सुधाकर यादव, फारबर्ड ब्लाक के राज्य संयोजक अभिनव कुशवाहा एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने जारी किया है।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश

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