भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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शनिवार, 10 मई 2014

सरमाये एवं मीडिया का नग्न नृत्य और असहाय चुनाव आयोग

लोक सभा चुनाव के अंतिम दौर का प्रचार आज सायं समाप्त हो जायेगा और इस अंक के पाठकों तक पहुंचने के पहले चुनाव परिणाम घोषित हो चुके होंगे और नई सरकार के गठन की कवायद चल रही होगी। लोक सभा चुनावों के चुनाव परिणामों के बारे में कोई भी टिप्पणी परिणाम आने के बाद ही की जा सकती है लेकिन इस चुनाव के दौरान जिस तरह सरमाये एवं मीडिया ने एक व्यक्ति विशेष...
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आकाशवाणी से ९.५.१४ को प्रसारित डॉ.गिरीश का चुनाव प्रसारण.

देश के मतदाता भाइयो और बहिनों, 16वीं लोकसभा के लिए चुनाव अभियान अपने अंतिम दौर में है। देश की विभिन्न राजनैतिक पार्टियों एवं ताकतों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए आक्रामक अभियान चलाया हुआ है। हमारे देश के चुनावी इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब पूंजीपतिवर्ग खास कर कार्पाेरेट घराने सांप्रदायिक ताकतों के पक्ष में पूरी ताकत से अभियान चला रहे हैं और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये वे प्रचार माध्यमों का भरपूर स्तेमाल कर रहे हैं। कार्पाेरेट्स...
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निर्वाचन आयोग पर भाजपा के हमलों की भाकपा निंदा करती है.

लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कहा है कि अपनी अपेक्षित जीत से काफी दूर दिखाई देरही भाजपा इस कदर बौखला गई है कि अब वह संवैधानिक संस्थाओं पर हमले करने पर उतर आयी है. हाल ही में उसने चुनाव आयोग को निशाना बनाया है. भाजपा और उसके प्रवक्ताओं ने चुनाव आयोग पर चहुँतरफा हमले बोल दिए हैं. भाकपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है. यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि भले ही भाजपा भारतीय...
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Election Telecast of CPI on Doordarshn. (9.5.14.) By Dr.Girish.

प्रिय मतदाता भाइयों एवं बहनों, आप सभी लोक सभा के चुनावों की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और आप सभी को पिछले चुनावों की तुलना में ज्यादा विवेक और सूझ-बूझ के साथ मत का प्रयोग करना है क्योंकि देश के सामने जैसी चुनौतियाँ आज हैं, पहले कभी न थीं। जनता की जैसी हालत आज है, वैसी कभी न थी। पूंजीवादी नीतियों और सरकारों की कारगुजारियों के चलते आज महंगाई सातवें आसमान पर है। महंगाई ने आम और गरीब लोगों की मुसीबतें बेहद बढ़ा दी हैं। अनेक लोग आधे...
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