भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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शनिवार, 10 मई 2014

निर्वाचन आयोग पर भाजपा के हमलों की भाकपा निंदा करती है.

लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कहा है कि अपनी अपेक्षित जीत से काफी दूर दिखाई देरही भाजपा इस कदर बौखला गई है कि अब वह संवैधानिक संस्थाओं पर हमले करने पर उतर आयी है. हाल ही में उसने चुनाव आयोग को निशाना बनाया है. भाजपा और उसके प्रवक्ताओं ने चुनाव आयोग पर चहुँतरफा हमले बोल दिए हैं. भाकपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है. यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि भले ही भाजपा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुये ही सत्ता और राजनीति में भागीदारी करती है, लेकिन वह संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की विरोधी है. उसकी सांप्रदायिक राजनीति एवं उसके द्वारा बाबरी ढांचे का तोड़ा जाना आदि अनेक उदाहरण हैं जो इस तथ्य की पुष्टि करते हैं. अब निर्वाचन आयोग द्वारा वाराणसी में उसकी सभा को सुरक्षा कारणों से अनुमति न दिए जाने पर भाजपा बुरी तरह तिलमिला गई है और निर्वाचन आयोग पर तीखे हमले कर रही है. वह मतदाताओं को यह संदेश देना चाहती है कि चुनाव आयोग उसके साथ ज्यादती कर रहा है. इस तरह वह मतदाताओं की हमदर्दी बटोरना चाहती है. वह भूल गयी कि अमितशाह, तोगड़िया, गिरिराज सिंह और बाबा रामदेव के आपत्तिजनक बयानों को लेकर निर्वाचन आयोग पर भाजपा के प्रति कथित उदारता बरतने के आरोप लगते रहे हैं. भाकपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बधाई दी है कि उन्होंने दोटूक शब्दों में भाजपा की धौंसपट्टी में न आने का ऐलान कर दिया. किसी भी संवैधानिक संस्था पर हमले को भाकपा बेहद आपत्तिजनक मानती है और भाजपा को चेतावनी देना चाहती है कि वह अपनी संविधान विरोधी कारगुजारियों से बाज आये वरना भाकपा संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए जनांदोलन चलायेगी और भाजपा को बेनकाब करेगी. डॉ. गिरीश

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