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सोमवार, 6 अगस्त 2018

CPI on Devriya Episode


देवरिया काण्ड राज्य सरकार के माथे पर है कलंक का टीका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिम्मेदारी से बच नहीं सकते

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई करे जांच

भाकपा कल से ही करेगी विरोध प्रदर्शन

9 अगस्त को भाकपा का महिला दलित अल्पसंख्यक दमन विरोधी दिवस


लखनऊ- 6 अगस्त 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने देवरिया के बालिका संरक्षण गृह में अबोध बालिकाओं के साथ लंबे समय से चल रहे अमानुषिक अत्याचार और उनके यौन शोषण पर गहरा रोष प्रकट किया है. भाकपा ने इस जघन्य काण्ड के लिये राज्य सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया है. भाकपा राज्य केन्द्र ने अपनी कतारों का आह्वान किया है कि वे इस घटना पर तत्काल प्रतिरोध दर्ज करायें और बलात्कारियों की संरक्षक योगी सरकार के पुतले जलायें. साथ ही भाकपा ने 9 अगस्त को प्रदेश भर में महिला और दलित उत्पीडन विरोधी दिवस पूरी तैयारी के साथ आयोजित करने का आह्वान भी पार्टी की जिला इकाइयों से किया है.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि गत साढे चार सालों से देश में मोदी की और डेढ़ साल से उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार है. लेकिन महिलाओं और अबोध बालिकाओं के साथ एक से एक शर्मनाक वारदातें व्यापक पैमाने पर और सर्वत्र जारी हैं. देवरिया की वारदात इसलिए और संगीन है कि यह मुख्यमंत्री के कार्यक्षेत्र में निर्बाध रूप से जारी थी और संबंधित एनजीओ का लाइसेंस एक साल पहले ही रद्द किया जाचुका था. मात्र जिले के अधिकारियों पर इस ‘महापाप, की जिम्मेदारी डाल कर राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. भाकपा की मांग है कि योगी आदित्यनाथ को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिये.
डा. गिरीश ने कहाकि ये काम करने वाली नहीं बकबास करने वाली सरकार है. यह शासन नहीं दंगासन चला रही है. यह महिलाओं को भोग की वस्तु मानने वालों की सरकार है. भाजपा और उसके आका संघ के अधिकांश शीर्षस्थ नेता भारतीय संस्कृति में निर्धारित गृहस्थ आश्रम में जाने से कतराते हैं. और यह भी सर्वविदित है कि वे ब्रह्मचारी नहीं हैं. ऐसे लोगों के सत्ता में रहते न महिलाओं की इज्जत आबरू सुरक्षित है न कमजोर तबकों का मान सम्मान. “बेटी बचाओ बेटी पढाओ” जैसा पवित्र नारा बेटियों की बोटी नोंचने वालों के हाथ पढ़ गया है.
भाकपा राज्य सचिव ने कहाकि देवरिया की इस खौफनाक घटना की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई द्वारा कराई जानी चाहिये. राज्य प्रशासन से इसलिए कोई उम्मीद नहीं कि पूरा खेल उनके सरंक्षण में चल रहा था और आज भी घटना का खुलासा एक बच्ची ने सरंक्षण गृह से भाग कर किया है, पुलिस- प्रशासन ने नहीं. भाकपा प्रदेश के अन्य बालिका संरक्षण गृहों की जांच की मांग भी करती है और भोगी सफेदपोशों के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत कार्यवाही की मांग करती है.
भाकपा ने निश्चय किया है कि वह इस जघन्य काण्ड के खिलाफ कल से ही सडकों पर उतरेगी और महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों पर प्रदेश और देश में होरही अत्याचार की घटनाओं के खिलाफ  9 अगस्त को महिला, दलित और अल्पसंख्यकों पर दमन विरोधी दिवस आयोजित करेगी.
डा. गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

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