भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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रविवार, 29 जुलाई 2012

LEFT PARTIES' DHARNA FOR FOOD SECURITY & AGAINST GALLOPING PRICE RISE & CORRUPTION


Communist Party Of India, Communist Party Of India (Marxisit), Revolutionary Socialist Party and All India Forward Block are jointly organizing a all India massive five days Dharana at Jantar Mantar New Delhi from on 30 th July to 3 rd August 2012 on Food Security to all and a comprehensive food Security Bill, the realistic objective of providing food to all. Besides Food Security, galloping inflation & corruption are also issues. This Dharana will start from 10 A.M. to 6 P.M. every day on all the five days. This Dharana will be joined by the workers of all four left parties from all the states of the country. Large numbers of women and students will also participate. This Dharana will Demand as:

  • No BPL or APL, we demand a universal public distribution system.
  • 35 kg of foodgrain at not more than Rs.2 per kg every month for each family. (A bag of 35 Kgs of ration be delivered to every family of the country at their door steps on a payment of Rs 70/- for which suitable mechanism be evolved by the Governments.) 
  • Scrap the planning Commission’s bogus poverty estimates as the basis for welfare rights.
  • Implement the Swaminathan Commission recommendations for a fair price and profit margin for farmers.
  • No to cash coupons but ensured ration to all.
  • Effective curb on inflation, stop forward trading of food grains.
  • Effective & powerful Lokpal Bill.

Top Leaders of all the four left parties will joined the Dharana on first Day.Com. S. Sudhaker Readdy, General Secretary ,CPI, Com. Prakash Karat, General Secretary CPM, Com.T.J. Chandrachudan General Secretary RSP And Com. Devbrata Biswas General Secretary AIFB, Com. A. B. Bhardhan,Com.Amarjeet Kaur, Com. Guru Das Das Gupta, MP, Com. Sita Ram Yaachury MP, Com. D. Raja MP, Com. Vasudev Acharya MP,Com. Brinda Karat, Com. Abni Roy, Com. Dr Girish and Com. Dev Rajan etc.

Delhi leaders Prof. Dinesh C Varshney and Com. Vijendra Sharma, Com. Dhirendra Sharma, Secretary, Delhi CPI, Com. P. M. S. Grewal Secretary, Delhi CPM, Com. Ashit Ganguly Secretary ,Delhi RSP, Com. Dharmendra Verma Secretary Delhi AIFB etc will sit in Dharana for all five days.

All MPs, MLA’s, Corporators as well as others local bodies representatives of all the parties will participate in five day Dharana.

On the first day, more than 5000 CPI workers from Uttar Pradesh led by CPI State Secretary Dr Girish shall participate in the Dharna.

Media people are requested to visit dharna, participate in it & telecast/broadcast/publish the even prominently to show that solidarity with the cause. Non-coverage of the event by the media shall mean in unequivocal terms that media is against food security for all and is in favour of galloping price rise & corruption.
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शनिवार, 7 जुलाई 2012

सुश्री मायावती की आय से अधिक सम्पत्तियों की नए सिरे से सीबीआई जांच की संस्तुति करे राज्य सरकार - भाकपा

लखनऊ 7 जुलाई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आज यहां सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य सचिव डा. गिरीश ने की।
बैठक में बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती द्वारा अर्जित आय से अधिक सम्पत्तियों सम्बंधी प्रकरण पर गंभीरता से विचार किया गया। इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि इस सवाल को राष्ट्रपति चुनाव पर चल रही सौदेबाजी से अलग करके नहीं देखा जा सकता क्योंकि कांग्रेस नीत केन्द्र सरकार क्षेत्रीय एवं जातिवादी दलों से सौदेबाजी के लिए सीबीआई का लगातार इस्तेमाल करती रही है। यह अनायास नहीं है कि कांग्रेस को घनघोर मनुवादी पार्टी कह कर लगातार कोसने वाली बसपा ने राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को अपना समर्थन दे दिया और उसका पुरस्कार भी सुश्री मायावती को चुनाव के पहले ही प्राप्त हो गया।
मुमकिन है कि अभी कुछ और दलों से हुई सौदेबाजी के नतीजे भी सामने आ जायें।
जहां तक सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस प्रकरण में दिये गये निर्णय का सवाल है, न्यायालय ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है कि आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में सीबीआई जांच का आदेश उसने नहीं दिया था। लेकिन सुश्री मायावती ने 2003 से लेकर 2012 के मध्य अकूत सम्पत्तियां अर्जित की हैं। जिनके श्रोत का खुलासा होना जनहित में बेहद जरूरी है। अतएव भाकपा मांग करती है कि राज्य सरकार सुश्री मायावती की आय से अधिक सम्पत्तियों की सीबीआई द्वारा जांच की संस्तुति केन्द्र सरकार से करे और केन्द्र सरकार सीबीआई को नई एफआईआर दर्ज कर जांच का आदेश दे। यदि राज्य सरकार ऐसा नहीं करती तो बसपा के भ्रष्टाचार से लड़ने के उसके दावे खोखले ही समझे जायेंगे; प्रस्ताव में कहा गया है।
भाकपा ने चेतावनी दी है कि वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उतर कर संघर्ष जारी रखेगी।
डा. गिरीश ने बताया कि पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक रविवार 8 जुलाई को पूर्वान्ह साढ़े दस बजे से पार्टी के राज्य कार्यालय पर होगी जिसमें भ्रष्टाचार, मंहगाई, खाद्य सुरक्षा आदि प्रमुख मामलों पर आन्दोलन की रूपरेखा तैयार की जायेगी।
मंत्रिपरिषद की बैठक में डा. गिरीश के अतिरिक्त अशोक मिश्र, इम्तियाज अहमद पूर्व विधायक, अरविन्द राज स्वरूप, आशा मिश्रा एवं सदरूद्दीन राना ने भाग लिया।
कार्यालय सचिव
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