भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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रविवार, 23 मई 2010

भाकपा द्वारा जन समस्याओं पर जन अभियान जारी रखने का फैसला

लखनऊ 23 मई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में देश एवं प्रदेश की राजनैतिक स्थिति पर गंभीर चर्चा के बाद जन-आन्दोलन एवं संगठन के विस्तार संबंधी कई निर्णय लिये गये। पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पतालों के निजीकरण, प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की दशा सुधारने, अस्पतालों में डाक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की रिक्त जगहों को भरे जाने, प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ाने, बिजली का निजीकरण न किये जाने, आगरा की विद्युत व्यवस्था को टोरंट कम्पनी से वापस लिये जाने, 18 घंटे बिजली दिये जाने, बिजली कर्मियों तथा अभियन्ताओं की भर्ती किये जाने, शिक्षा का निजीकरण एवं व्यवसाईकरण रोक उसे समान एवं सभी को सुलभ बनाने, शिक्षकों की भर्ती किये जाने, विभिन्न योजनाओं के नाम पर उपजाऊ जमीनों के अधिग्रहण को तत्काल रोके जाने जैसे सवालों पर राज्य भर में आन्दोलन करने का निर्णय लिया गया। यह आन्दोलन 1 जून से प्रारम्भ होकर 31 जून तक जारी रहेगा। इस पूरे महीने भाकपा जिलों-जिलों में उपर्युक्त सवालों पर सभायें, नुक्कड़ सभायें, पदयात्रायें, धरने, प्रदर्शन और विचार-गोष्ठियां आयोजित करेंगी। साथ ही महंगाई और भ्रष्टाचार के सवाल को भी शिद्दत के साथ उठाया जायेगा। राज्य कार्यकारिणी ने जून माह में ही जनता से सामूहिक रूप से धन संग्रह अभियान चलाने का भी निर्देश दिया है। भाकपा ने पंचायत चुनावों में भी बड़े पैमाने पर उतरने और उसकी अभी से तैयारी करने का भी फैसला लिया है। राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अनजान ने संप्रग-2 की सरकार के एक साल के कार्यकाल को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार महंगाई को नीचे लाने में बुरी तरह विफल रही है, तमाम घोटाले इस एक साल में हुये हैं। नक्सलवाद पर सरकार की नीति विफल साबित हुई है। तमाम रेल एवं विमान दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं। वामपंथी दलों और भाकपा ने इन सवालों पर देश भर में प्रभावी आन्दोलन चलाये हैं। आगे और भी आन्दोलन चलाये जायेंगे। उत्तर प्रदेश के सम्बंध में रिपोर्ट पेश करते हुए राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि राज्य में जंगल राज कायम है। पुलिस प्रशासन बेलगाम बन चुका है। भ्रष्टाचार ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण किया जा रहा है। पूरा प्रदेश बिजली की किल्लत झेलने को मजबूर है। गेहूं खरीद नहीं हो रही, किसान आत्महत्यायें कर रहे हैं। उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण हो रहा है। शिक्षा में भारी भ्रष्टाचार घुस गया है। सपा, बसपा, कांग्रेस, भाजपा के बीच नूरा कुश्ती चल रही है। पूरे वर्ष केवल भाकपा और वामपंथ ने ही जन सवालों पर आन्दोलन चलाये हैं। आज फिर आन्दोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। भाकपा पूरे जून माह जनता के सवालों पर सड़क पर रहेगी। बैठक की अध्यक्षता आर.के.जैन एडवोकेट ने की।

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