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शनिवार, 24 अप्रैल 2010

आईपीएल में इतना सारा पैसा आ कहां से रहा हैं? - गुरूदास दासगुप्ता, राष्ट्रीय सचिव, भाकपा

डेटलाइन इंडिया में आज छपी अंशू सिंह की रिपोर्ट :
नई दिल्ली, 24 अप्रैल- बीसीसीआई और आईपीएल दोनों अपनी खाल बचाने में लगे हुए हैं और अब यह तय किया गया है कि बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर आईपीएल के कार्यकारी कमिश्नर बनेंगे जबकि ललित मोदी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष बनें रहेंगे। शरद पवार की पहल पर यह समझौता हुआ है और ललित मोदी इस बात पर राजी हो गए हैं कि 26 अप्रैल को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक को वे अदालत में नहीं ले जाएंगे।
इसके बदले मोदी को बीसीसीआई से निलंबित नहीं किया जाएगा। मगर मोदी इस बात पर अड़े हुए हैं कि वे 26 अप्रैल वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे ताकि निष्पक्ष्तापूर्वक विचार हो सके। बीसीसीआई के भूतपूर्व अध्यक्ष केसी मुथैया इस बीच एक टीम के मालिक एम श्रीनिवासन के बोर्ड का सचिव बने रहने के सवाल पर सर्वाेच्च न्यायालय तक पहुंच गए हैं। उन्होंने सवाल किया है कि बोर्ड का कोई भी सदस्य कैसे किसी फ्रेंचाइज का मालिक हो सकता है? उनका कहना है कि इंडिया सीमेंट एक टीम की मालिक हैं और श्री निवासन के उनसे व्यापारिक और निजी रिश्ते हैं।
उधर सरकार भी बीच का रास्ता खोजती नजर आ रही हैं। सरकार की ओर से अब सूत्रों के जरिए ही सही, ऐलान किया गया है कि सरकार सिर्फ आईपीएल और उसके साथ जुड़ी टीमों के पैसे की जांच करेगी और मैच फिक्सिंग फिलहाल जांच के दायरे में नहीं है। आयकर अधिकारियों ने अपना नाम नहीं छापने के अनुरोध के साथ कहा कि फिलहाल उन्हें मैच फिक्सिंग की जांच करने के आदेश नहीं मिले। वाम मोर्चा भी अब सुर बदल रहा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि मैंने कभी मैच फिक्सिंग की बात नहीं की मगर सरकार को पता लगाना चाहिए कि इतना सारा पैसा आ कहां से रहा हैं? मैं ललित मोदी पर भी सवाल नहीं कर रहा हूं मगर मेरा सवाल यह है कि शाहरूख खान और शिल्पा शेट्ठी जैसे लोग अचानक क्रिकेट में इतने ज्यादा लीन कैसे हो गए? इनकम टेक्स की रिपोर्ट में ललित मोदी के एक दोस्त पर मैच फिक्सिंग का संदेह जाहिर किया गया है लेकिन इसके बारे कोई विवरण नहीं दिए गए है। यह रिपोर्ट भी इतनी जल्दबाजी में तैयार की गई है कि शाहरूख खान की टीम का नाम कोलकाता नाइट राइडर्स की बजाय कोलकाता रॉयल्स रख दिया गया है। जाहिर है कि यह रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों की क्रिकेट में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। नतीजा क्या निकलेगा इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है।

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