भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

About The Author

Communist Party of India, U.P. State Council

Get The Latest News

Sign up to receive latest news

फ़ॉलोअर

मंगलवार, 31 अगस्त 2010

Women activist storm into the parliament demanding 33% reservation organised by NFIW and ANHAD

Women activist storm into the parliament demanding 33% reservation organised by NFIW and ANHAD over 30 women activist wearing specially designed aprons with image of parliament 33% women reservation written on the one side and on the other side slogan “Pass the Reservation Bill Now”. They storm the parliament house to protest against the UPA governments lack of political bill to pass the Women Reservation Bill in Lok Sabha. The...
»»  read more

सोमवार, 30 अगस्त 2010

किसानों की उपजाऊ जमीनों के अधिग्रहण के खिलाफ भाकपा द्वारा प्रदेशव्यापी आन्दोलन

लखनऊ 30 अगस्त। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने किसानों की उपजाऊ जमीनों के अधिग्रहण के खिलाफ जुलूस निकाले और धरना दिये। गाजियाबाद, मेरठ एवं नोएडा में किसान मंच और महाराणा संग्राम सिंह किसान कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं ने भी भाकपा कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस और धरना में अपनी भारी सक्रिय भागीदारी दर्ज की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को सम्बोधित...
»»  read more

रविवार, 22 अगस्त 2010

17वां विश्व युवा एवं छात्र उत्सव

प्रत्येक विश्व युवा एवं छात्र उत्सव के पहले अंतर्राष्ट्रीय तैयारी बैठक (आईपीएम) का आयोजन एक परंपरा है। 17वें विश्व युवा एवं छात्र उत्सव के लिए आईपीएम का आयोजन काराकस, वेनेजुएला में हुआ जिसने 16वें विश्व युवा एवं छात्र उत्सव की मेजबानी की थी। आपीएम में अगले मेजबान को परंपरागत रूप से झंडा सौंपने का समारोह भी हुआ। आईपीएम में लंबी बहस के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि अगले विश्व युवा एवं छात्र उत्सव का आयोजन दक्षिण अफ्रीका...
»»  read more

शुक्रवार, 20 अगस्त 2010

एकतरफा तलाक और महिलाओं को घर से बेदखल किए जाने के खिलाफ महिला संगठनों की एकजुटता व प्रदर्शन

सरफराजगंज निवासी तीन महिलाओं को सुल्तानुल मदारिस नाम के एक मदरसे ने 23 जून को एक तरफा तलाक करा कर घर से बेदखल करवा दिया गया था जिसके विरोध में महिलाओं ने कड़े कदम भी उठाए हैं। क्योंकि उन महिलाओं का तलाक नहीं हुआ है और सुप्रीम कोर्ट इस प्रकार के फैसले के सख्त खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इस बात की पुष्टि भी होती है। दिनांक 10.08.2010 को सुश्री हिना, सुश्री निशात व सुश्री अर्शी के समर्थन में भारतीय महिला फेडरेशन सहित तमाम...
»»  read more

गुरुवार, 19 अगस्त 2010

25 जून 2010 को दरभंगा जिले के तरौनी गांव में आयोजित - बिहार राज्य प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा ‘यात्री’ जनकवि बाबा नागार्जुन जन्मशताब्दी समारोह

मई महीने की तीखी चिलचिलाती धूप और गर्मी से तप्त वायुमंडल, प्रचंड पछवा हवा के झोंकों के बीच बिहार राज्य प्रगतिशील लेखक संध के महासचिव राजेन्द्र राजन पूर्व विधायक ने जनकवि ‘यात्री’ बाबा नागार्जुन के पैतृक गांव की यात्रा की अभिलाषा व्यक्त करते हुए संदेशा भेजा। बेगूसराय जिले की ‘लाल धरती’ के गोदरगांवा का यह विप्लवी लाल तरौनी की यात्रा करेंगे-...
»»  read more

बुधवार, 18 अगस्त 2010

हादसा मंत्री

रेल मंत्री ममता बनर्जी हादसा मंत्री बन गयी हैं। 28 मई 2010 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की दुर्घटना में मारे गये 177 लोगों और सैकड़ों जख्मी लोगों के परिवारों की आहें-चीखें अभी थमी भी नहीं थी कि 19 जुलाई को सुबह दो बजे के लगभग पश्चिम बंगाल के ही बीरभूम जिले के साईंथिया स्टेशन पर प्लेटफार्म पर खड़ी भागलपुर-रांची एक्सप्रेस को न्यू कूच बिहार सियालदह उत्तरबंग एक्सप्रेस ने पूरी स्पीड में पीछे से आकर टक्कर...
»»  read more

मंगलवार, 17 अगस्त 2010

का. लुई कोरवालान को श्रद्धांजलि

नयी दिल्लीः भारतीय कम्यनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद ने 24 जुलाई, 2010 को एक बयान जारी करके चिली की कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव कामरेड लुई कोरवालान के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया।राष्ट्रीय परिषद ने कहा कि का. कोरवालान ने पिनोशेट की तानाशाही का दृढ़तापूर्वक विरोध किया और इसके लिए उन्हें राजनीतिक उत्पीड़न और निर्वासन का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी भी फासिस्ट शासन के आगे घुटने नहीं टेके।यूनाइटेड पोपुलर फ्रंट के निर्माण...
»»  read more

सोमवार, 16 अगस्त 2010

निर्माण: संगठित उद्योग, किंतु असंगठित मजदूर?

निर्माण उद्योग सभी आर्थिक गतिविधियों को आधार प्रदान करनेवाले देश का उच्च कोटि का संगठित आधुनिक उद्योग है। इसमें अन्य उद्योगों की तुलना में सर्वाधिक पूंजी निवेश और श्रमशक्ति कार्यरत है, किंतु इस उद्योग का विचित्र विरोधाभास इस तथ्य में निहित है कि यह सौ फीसद औपचारिक उद्योग का दर्जा हासिल करने के बावजूद, इसमें काम करने वाले प्रायः अनौपचारिक श्रमिक हैं। यह अजीबोगरीब स्थिति है कि उद्योग संगठित है, जबकि इसमें कार्यरत मजदूर असंगठित।...
»»  read more

रविवार, 15 अगस्त 2010

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का कार्यक्रम संबंधी दस्तावेज

आजादी के पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भारतीय क्रांति को दो चरणों वाली प्रक्रिया बताया जिसमें वर्तमान साम्राज्यवाद-विरोधी सामंत-विरोधी चरण (एक राष्ट्रीय जनवादी चरण) के बाद पूंजीवाद-विरोधी (समाजवादी) चरण आयेगा। पार्टी ने मोटे तौर से मजदूर वर्ग, मध्यम वर्ग एवं राष्ट्रीय पूंजीपति वर्ग के राष्ट्रीय जनवादी मोर्चे की रणनीति का अनुसरण किया।1947 में राष्ट्रीय आजादी की प्राप्ति ने भारत और विश्व के लिए एक नये युग, एक ऐतिहासिक घटना का...
»»  read more

शनिवार, 14 अगस्त 2010

जाति आधारित जनगणना एवं अन्य बातें

(“क्लास कास्ट रिजर्वेशन एंड स्ट्रगल अंगेस्ट कास्टिज्म” किताब का दूसरा संस्करण इस सप्ताह आने वाला है। किताब के लेखक ए.बी. बर्धन ने दूसरे संस्करण की प्रस्तावना लिखी है जो कुछ उन मुद्दों के बारे में है जिन पर जाति आधारित जनगणना सहित जाति और वर्ग को लेकर अभी बहस चल रही है। हम इस प्रस्तावना को छाप रहे हैं जिससे इन मुद्दों पर भारतीय कम्युनिस्ट...
»»  read more

संसद में भाकपा - अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के कल्याण का पैसा भी राष्ट्रमंडल खेलों में हजम

राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की तैयारियों के सिलसिले में सामने आये व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में बोलते हुए भाकपा सांसद डी. राजा ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए चिन्हित पैसे को भी इन खेलों के आयोजन में खर्च किये जाने पर गंभीर आपत्ति की। उन्होंने कहा कि:”वामपंथ, दक्षिणपंथ और मध्यमार्ग के मध्य मतभेदों के बावजूद सदन ने इस मुद्दे को बहस के लिए लिया है। इससे पता चलता है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण के प्रति हरेक...
»»  read more

शुक्रवार, 13 अगस्त 2010

संसद में भाकपा - महंगाई के लिए मनमोहन सरकार की नीतियां जिम्मेवार

3 अगस्त को लोकसभा में महंगाई की समस्या पर बहस में हिस्सा लेते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद गुरूदास दासगुप्ता ने कहा:”अंततः महंगाई पर बहस हो रही है। बहस इस पर है कि क्या मुद्रास्फीति एवं महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए पूरी कोशिश की है। सरकार यदि पूरी कोशिश करती तो स्थिति अलग होती। यदि सरकार ने पूरी कोशिश की होती तो सदन में काम रोको की मांग ही नहीं उठती, विशेष बहस की जरूरत नहीं होती और सरकार को संसदीय सलाह देने के लिए...
»»  read more
Share |

लोकप्रिय पोस्ट

कुल पेज दृश्य

7364312