भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2012

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से प्रदीप तिवारी का आकाशवाणी पर चुनाव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मतदाता भाइयों और बहिनों,
हिन्दुस्तान के सबसे बड़े राज्य के विधान सभा चुनाव चल रहे हैं। प्रदेश की दुर्दशा से आप सभी अच्छी तरह से वाकिफ हैं। 21 साल पहले सांसदों को खरीद कर केन्द्र में बनी सरकार ने जिन विनाशकारी आर्थिक नीतियों को शुरू किया था, उसी का नतीजा है कि गलाघोंट महंगाई से हम-आप सभी परेशान हैं। किसान को उसकी फसलों के वाजिब दाम नहीं मिलते और उन्हीं फसलों को बाजार में खरीदने जब हम आप जाते हैं तो दाम इतने बढ़ चुके होते हैं कि अस्सी फीसदी जनता उसकी कीमत अदा करने की हैसियत नहीं रखती। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को महीने में दो-दो बार बढ़ाया जा रहा है।
इन्हीं विनाशकारी आर्थिक नीतियों का परिणाम है कि सरकारी खजाने के धन का बहुत बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। इस दौर की सरकारें कहती रही हैं कि बच्चों की पढ़ाई और जनता का इलाज उनका सरोकार नहीं है। ये सरकार के काम नहीं हैं। सरकार का काम केवल गवरनेन्स करना है। आखिर यह गवरनेन्स है क्या? इनका गवरनेन्स से मतलब क्या केवल और केवल भ्रष्टाचार है। क्या सरकारों का काम केवल भ्रष्टाचार करना होता है? राष्ट्र की विपुल संपदा को सरमायेदारों को सौंपना होता है? क्या जनता की चिन्ता करना सरकारों का काम नहीं होता? आपने देखा कि राज्य और केन्द्र सरकारों के मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल गये तो कुछ जेल जाने वाले हैं। लेकिन क्या उन्हें सजा मिलेगी? यह सवाल है जिस पर इस चुनावों के दौरान आपको गौर करना होगा।
केन्द्र की कांग्रेसी सरकार 2-जी, 3-जी, एस-बैण्ड, कॉमनवेल्थ गेम्स, आदर्श सोसाइटी सरीखे घोटाले कर रही थी तो भाजपा भी खनन घोटाले में मस्त थी। कारगिल युद्ध के समय भाजपा ने तो ताबूत घोटाला कर डाला था। प्रदेश में पहले सपा और बाद में बसपा की सरकारें सार्वजनिक एवं सहकारी क्षेत्र की अकूत सम्पत्तियों तथा किसानों की उपजाऊ जमीनों को अपने-अपने चहेते सरमायेदारों को सौंपती रहीं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ आपसे आपका कीमती मत चाहती है। हंसिया बाली वाले बटन को दबाकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को इस बार मौका दीजिए।
मतदाता भाइयों और बहिनों!
आज जब उन्हें आपके वोट की दरकार है, तो ‘जो मांगोगे वही मिलेगा’ की तर्ज पर कांग्रेस, बसपा, सपा, भाजपा सब आपको सब कुछ देने की बात कर रहे हैं। विद्यार्थियों को लैपटाप और अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने तक के वायदे किये जा रहे हैं। मत भूलिये ये वही लोग हैं जिन्होंने स्कूलों को कारोबार बना दिया। इन सबने मिलकर बुनकरों तथा दस्तकारों को तबाह कर दिया। यू.पी. हैण्डलूम कारपोरेशन के साथ-साथ प्रदेश की कई दर्जन कताई मिलों को बन्द कर दिया तथा गांधी भंडारों पर मिलने वाली छूट को खतम कर दिया। करघे पर 12-12 घंटे पैर लटका कर कपड़े बुनने वाला बुनकर आज भूखों मर रहा है। भूलने की जरूरत नहीं है कि सरकारी नौकरियों पर रोक किसने लगा रखी है? ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग किसने शुरू कराई।
तमाम जिलों के सरकारी अस्पतालों में एक भी महिला डाक्टर नहीं है। महिलाओं को प्रसव में होने वाली समस्या से किसी को कोई सरोकार नहीं।
भाइयों एवं बहनों! थोड़े वक्त में सभी बातों का जिक्र संभव नहीं है।
मतदाता भाइयों और बहनों!
कांग्रेस, बसपा, सपा और भाजपा सभी आपकी गुनाहगार हैं। आपने बारी-बारी से इन सबको मौका दिया और धोखा खाया। आज आपके हाथ में वोट जैसा कीमती हथियार है। जाति-बिरादरी या धर्म के नाम पर मुरौव्वत करने की जरूरत नहीं है। अपने इस हथियार का इस्तेमाल कीजिए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आपकी समस्याओं को लेकर लगातार लड़ती रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का दामन पाक-साफ है। भ्रष्टाचार, महंगाई और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए तथा उत्तर प्रदेश एवं उसकी जनता के चौतरफा विकास के लिए इस बार आप भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मौका दें, हम वायदा करते हैं कि आपको शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।
मतदाता भाइयों और बहनों,
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आपसे गुजारिश करती है कि आप सभी अपने बहुमूल्य मत का इस्तेमाल करें। हंसिया-बाली वाले निशान को दबा कर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशियों को बड़ी संख्या में विजयी बनायें।
जयहिन्द! जय लोकतंत्र!!

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