भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

About The Author

Communist Party of India, U.P. State Council

Get The Latest News

Sign up to receive latest news

समर्थक

बुधवार, 28 जनवरी 2015

भाकपा ने उत्तर प्रदेश सरकार पर जन समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया

लखनऊ- २८ जनबरी, २०१५. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार जन समस्याओं और जन आन्दोलनों की अनदेखी कर रही है, इससे जनता खास कर किसान मजदूरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यहाँ जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सचिव डा.गिरीश ने कहा कि जनपद सुल्तानपुर के बल्दीराय विकास खंड पर भाकपा नेता का. शारदा पांडे के नेत्रत्व में सैकड़ों किसान मजदूर अपनी ज्वलंत समस्याओं को लेकर १२ जनबरी से लगातार दिन रात का धरना देरहे हैं, लेकिन अखिलेश सरकार के मातहत किसी अधिकारी ने अभी तक आन्दोलनकारियों से वार्ता तक नहीं की है. आन्दोलनकारी क्षेत्र में धांधली से नियुक्त राशन डीलर की नियुक्ति को रद्द किये जाने, अपात्रों को दी गयी समाजवादी पेंशन को रद्द कर उसे गरीबों को दिए जाने, साधन सम्पन्नों को आबंटित इंदिरा आवासों को रद्द कर पात्रों को आबंटित किये जाने, पारा बाजार से मुसाफिर खाना तक की सडक को दुरुस्त कराने, खाद पर ब्लैक खोरी रोके जाने तथा बल्दीराय ब्लाक के सेक्रेट्री का तबादला किये जाने की न्यायोचित मांगें कर रहे हैं. इसी तरह उत्तर प्रदेश किसान सभा के तत्वावधान में किसान नेता जितेन्द्र सिंह के नेत्रत्व में मवाना चीनी मिल पर गन्ना बकाये को लेकर सैकड़ों किसान ५ जनबरी से लगातार धरना देरहे हैं. इस मिल पर अन्य चीनी मिलों की तरह किसानों का पिछले और इस सत्र के गन्ने का कई सौ करोड़ रुपया बकाया है जिसकी अदायगी के लिए किसान सभा निरंतर आवाज उठा रही है, लेकिन अखिलेश सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. उलटे स्थानीय सपाई आन्दोलन को छिन्न भिन्न करने की जुगत में लगे हैं. मिल मालिकों की हठधर्मी के आगे राज्य सरकार की इस लाचारी को पीड़ित किसान समझ नहीं पा रहे हैं. डा.गिरीश ने मुख्य मंत्री से मांग की कि जनहित के इन दोनों ही मुद्दों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश संबन्धित अधिकारियों को दें, अन्यथा यह जनाक्रोश राज्य सरकार की उदासीनता से और भी बड़ेगा. डा.गिरीश

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

लोकप्रिय पोस्ट

कुल पेज दृश्य