भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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Communist Party of India, U.P. State Council

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शनिवार, 29 सितंबर 2012

राजनीतिक विरोध की वास्तविकता

संप्रग-2 सरकार एक ऐसे भंवर में फंस गयी है जिससे वह निकल नहीं पा रही है। वह इस भंवर से जितना निकलने की कोशिश करती है वह ही अधिक वह उस भंवर में फंसती चली जा रही है। लोगों को याद होगा कि सन 1991 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो गया था कि तत्कालीन केन्द्रीय सरकार को सोना गिरवी रखकर विदेशी मुद्रा का इंतजाम करना पड़ा था। लोगों...
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शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का आह्वान

चलो दिल्ली!                                                                                                                         ...
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बुधवार, 19 सितंबर 2012

केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का राष्ट्रीय कन्वेंशन

20-21 फरवरी 2013 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का फैसलानई दिल्ली 4 सितम्बर। आज यहां देश के सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों और मजदूरों एवं कर्मचारियों के स्वतंत्र फेडरेशनों के आह्वान पर तालकटोरा स्टेडियम में एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। समूचे देश के संगठित एवं असंगठित मजदूरों एवं कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 5000 ट्रेड यूनियन नेताओं ने सम्मेलन में हिस्सा लिया और अपने अधिकारों के लिए, सम्मान के साथ जीने...
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विश्व रोजगार में डबल डिप-आईएलओ

जी 20 देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन से ठीक पहले जारी एक कड़े विश्लेषण में, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने कहा कि विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था एक नई और गहरी रोजगार मंदी के कगार पर है। इससे विश्वव्यापी आर्थिक बहाली में और अधिक समय लगेगा। इसका असर अनेक देशों पर पड़ सकता है। वहां सामाजिक अशांति उत्पन्न हो सकती है।    इस नई रिपोर्ट का शीर्षक है, ‘वर्ल्ड ऑफ वर्क रिपोर्ट 2011: मेकिंग मार्केट्स वर्क फॉर जॉब्स’ (श्रम...
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सोमवार, 17 सितंबर 2012

वैश्वीकरण के दौर में कफन कहानी की प्रासंगिकता

हिन्दी मंे यथार्थवादी कहानी लेखन की शुरूआत प्रेमचंद ने की। उसका अन्यतम् उदाहरण ‘कफन’ है। इसीलिये बहुत से कथा समीक्षकों ने कथावस्तु तथा शिल्प की दृष्टि से कफन कहानी को पहली नई कहानी स्वीकार किया है। ‘कफन’ कहानी भारत में अंग्रेजी राज के दौर में सामन्ती समाज के क्रूर शोषण के शिकार दलित कृषि मजदूर की कथा है जिसमें धीसू-माधव जैसे पात्र अपने शोषण का प्रतिरोध अकर्मण्यता प्रदर्शित करते हैं।घीसू और माधव उस सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों...
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मूल्यवृद्धि और विदेशी निवेश के खिलाफ 20 सितम्बर को सड़कों पर उतरेगी भाकपा

लखनऊ 17 सितम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य मंत्रिपरिषद की एक आपात्कालीन बैठक राज्य सचिव डा. गिरीश की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में केन्द्र सरकार पर यह आरोप लगाया गया कि वह एक के बाद एक जनता के ऊपर कहर बरपाने वाले कदम उठा रही है। उसने किसानों एवं आम जनता पर भारी बोझ लादने वाला कदम उठाते हुये डीजल के दामों में पांच रूपये प्रति...
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शनिवार, 15 सितंबर 2012

भाकपा ने रिटेल में विदेशी भागीदारी पर जताया कड़ा विरोध

डीजल, गैस मूल्यवृद्धि के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कियेलखनऊ 15 सितम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने केन्द्र सरकार द्वारा मल्टीब्रांड रिटेल में 51 फीसदी विदेशी निवेश, विमानन क्षेत्र में 49 प्रतिशत विदेशी निवेश, सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों में विनिवेश तथा ब्राडकास्टिंग क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा...
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शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

डीजल एवं रसोई गैस की मूल्य वृद्धि के खिलाफ भाकपा विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी

लखनऊ 14 सितम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने केन्द्र सरकार द्वारा डीजल की कीमतों में की गयी पांच रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की आलोचना की है। भाकपा ने नियंत्रित मूल्य पर रसोई गैस के साल में केवल 6 सिलिंडर ही दिये जाने तथा बाकी सिलिंडर साढ़े सात सौ रूपये की कीमत पर दिये जाने की भी निन्दा की है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली पर...
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गुरुवार, 13 सितंबर 2012

भारतीय वामपंथ: दृष्टि और चुनौतियां

कौंसिल ऑफ सोशल डेवलपमेंट ने 8-9 अगस्त, 2012 को दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल संेटर में एक सेमिनार का आयोजन किया जिसका विषय था: ‘‘ भारतीय वामपंथ: दृष्टि और चुनौतियां’’। सेमिनार की अध्यक्षता विख्यात इतिहासकार रोमिला थापर ने की। सेमिनार में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी ने भाषण दिया, जिसे नीचे दिया जा रहा है:  ...
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बुधवार, 12 सितंबर 2012

प्रत्येक परिवार को 2 रूपये किलो की दर से हर माह 35 किलो अनाज के लिए भाकपा एवं वाम दलों का ऐतिहासिक आन्दोलन

लखनऊ 12 सितम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य मंत्रिपरिषद की ओर से जारी प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सह सचिव अरविन्द राज स्वरूप ने कहा है:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एवं अन्य वामपंथी दलों के राष्ट्रीय आह्वान पर उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में आम जनता के लिये खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर आज ‘राष्ट्रीय मांग दिवस’ मनाया गया।विभिन्न जनपदों...
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धार्मिक रुकावटों से बड़ी है संस्कृति - एस.सुधाकर रेड्डी

भारत-पाकिस्तान एक भौगोलिक बंटवारा है परन्तु उनकी जनता की सांस्कृतिक विरासत सांझी हैं। उनके दुश्मन गरीबी और साम्राज्यवाद होने चाहिए। उन्हें एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए। संस्कृति अधिक महत्वपूर्ण और धार्मिक बाधाओं से बड़ी है। लोग कोई सीमाएं नहीं जानते हैं। उन्हें दोनों देशों में शांति और समृद्धि के लिए काम करना चाहिए। भारत-पाकिस्तान की सीमा पर दोनों देशों से आए 50 हजार से भी अधिक लोगों को संबोधित करते हुए भाकपा महासचिव सुधाकर रेड्डी...
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मंगलवार, 11 सितंबर 2012

बेरोजगारी भत्ते की ओर ताकते नौजवान

कल 9 सितम्बर को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े जोर-शोर के प्रचार के साथ नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता देना शुरू कर दिया। हर बेरोजगार को उत्तर प्रदेश में कल से मिलने लगा हर माह एक हजार रूपये का बेरोजगारी भत्ता। पिछले विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता देने...
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खाद्य सुरक्षा के लिए एवं महंगाई तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ वामपंथी दलों का आन्दोलन कल 12 सितम्बर को

    लखनऊ 11 सितम्बर। वामपंथी दलों - भाकपा, माकपा, आरएसपी तथा फारवर्ड ब्लाक के संयुक्त आह्वान पर बीपीएल-एपीएल के मानक को समाप्त कर देश के हर परिवार को हर महीने 2 रूपये कि.ग्रा. के हिसाब से 35 कि.ग्रा. खाद्यान्न मुहैया करवाने की कानूनी गारंटी के लिए, दिन दूनी रात चौगुनी गति से लगातार बढ़ती महंगाई एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी...
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शनिवार, 8 सितंबर 2012

CPI PLANS MASS STRRUGGLES IN COMING MONTHS

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शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

Gurudas Dasgupta's Note of dissent on present economic situation

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