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सोमवार, 23 दिसंबर 2013

भाकपा राज्य काउन्सिल बैठक में विद्युत् दरों में प्रस्तावित वृध्दि और देवयानी प्रकरण पर पारित प्रस्ताव

बिजली दरों में प्रस्तावित वृध्दि पर भाकपा राज्य काउन्सिल द्वारा पारित प्रस्ताव. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउन्सिल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली की दरों में वृध्दि करने के प्रयास की निंदा की है. पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह अपने इस इरादे को तत्काल बदल ले. उ. प्र. पावर कारपोरेशन प्रबन्धन ने मौजूदा बिजली की दरों में औसतन १० प्रतिशत की वृध्दि प्रस्तावित की है. शहरी घरेलू उपभोक्ताओं यानि साधारण आदमी के ऊपर १५% की वृध्दि का प्रस्ताव किया गया है. समाजवाद के नाम पर नव-उदारवादी आर्थिक नीतियों का पालन करने वाली उ.प्र.सरकार ने एक नायाब समाजवादी सुझाव रखा है कि जहाँ घरेलू उपभोक्ताओं से १५% अधिक बसूला जायेगा वहीं वाणिज्यिक उपभोक्तों से ६%, उद्योगों से ५-६% तथा रईसों के फार्म हाउसों से ५% अधिक ही बसूला जायेगा. उत्तर प्रदेश के शहरियों को याद है कि सरकार ने विगत जून में ही बिजली के दामों में औसतन १०.२९% की वृध्दि करके आम लोगों की जेबों पर भारी बोझ डाला था. पावर कारपोरेशन के मौजूदा प्रस्ताव में ४३,३९३ करोड़ रु. की वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्ताव रखा गया है. जिसमें ३५,३९२ करोड़ रु. बिजली खरीदने के लिए रखे गये हैं. उल्लेखनीय है कि कार्पोरेट घरानों, बजाज हिंदुस्तान तथा रिलायंस से खरीदी जाने वाली बिजली का मूल्य प्रति यूनिट ६.०६ रु. से ७.७५ रु. तक होगा. जहाँ एक तरफ कार्पोरेट घरानों को भारी लाभ पहुँचाया जा रहा है वहीं आम शहरी उपभोक्ताओं की जेबों को हल्का कर उनको महंगाई के मकड़जाल में और अधिक फंसाया जा रहा है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउन्सिल सरकार से मांग करती है कि इस वृध्दि के प्रस्ताव को तत्काल वापस लिया जाये और विद्युत् दरें प्रति यूनिट इस प्रकार से निर्धारित की जायें कि साधारण उपभोक्ता राहत महसूस करें और उन्हें महंगाई से कुछ राहत मिलती दिखाई दे. भाकपा अपनी जिला इकाइयों का आह्वान करती है कि वो इस वृध्दि का हर स्तर पर विरोध करें और १ जनवरी से सभायें नुक्कड़ सभायें एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित करना प्रारंभ कर दें. देवयानी प्रकरण पर प्रस्ताव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउन्सिल भारतीय विदेश सेवा की अम्रेरिका में तैनात राजनयिक अधिकारी श्रीमती देवयानी खोबरागाड़े को अमरीकी प्रशासन द्वारा हथकडी पहनाने, जघन्य अपराधियों के साथ लाकअप बंद करने तथा निर्वस्त्र कर आपत्तिजनक तलाशी लेने की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करती है.साम्राज्यवादी अमरीका के समक्ष मानवीय सरोकारों, मानवीय अधिकारों अथवा स्त्री अस्मिता का कोई मूल्य नहीं है. अमरीकी प्रशासन पूर्व में भी अनेकों भारतीय हस्तियों के साथ इस प्रकार का अवान्च्छ्नीय व्यवहार कर चुकी है. यहाँ तक कि तीन वर्ष पहले एक एक हवाई अड्डे पर तत्कालीन भारतीय राजदूत प्रमिला शंकर की भी इसी तरह तलाशी ली जा चुकी है. भाकपा अपनी सभी जिला इकाइयों का आह्वान करती है कि पार्टी के स्थापना दिवस २६ दिसम्बर को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के रूप में मनायें. विचार गोष्ठियां आयोजित करें और देवयानी प्रकरण के मद्दे नजर अमेरिकी साम्राज्यवाद के पुतले जलाएं.

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