भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

About The Author

Communist Party of India, U.P. State Council

Get The Latest News

Sign up to receive latest news

समर्थक

सोमवार, 9 दिसंबर 2013

भाकपा के नेतृत्व में गन्ना किसानों ने किया पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन

लखनऊ 9 दिसम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज भाकपा के हजारों-हजार कार्यकर्ताओं ने गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर विभिन्न जिला केन्द्रों पर धरना एवं प्रदर्शनों का आयोजन किया। कई स्थानों पर किसानों ने गुस्से में गन्ने के बण्डल जलाये और सभी जगहों पर आम सभायें कीं। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर आम सभायें भी कीं गईं जिनको पार्टी के जिले के नेताओं ने सम्बोधित किया।
हाथरस में नगर पालिका के प्रांगड़ में आयोजित धरने को सम्बोधित करते हुए भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि सत्तासीन पार्टियों द्वारा चीनी मिले मालिकों के प्रति सदाशयता और किसानों के हितों के प्रति उदासीनता के चलते आज गन्ना किसानों का भारी शोषण हो रहा है। उनका चीनी मिलों पर 2400 करोड़ रूपये का बकाया है जिसका भुगतान अभी तक नहीं कराया गया। सरकार के दावों के बावजूद अभी तक अधिकांश चीनी मिलों ने पेराई करना शुरू नहीं किया है। किसानों को 350 रूपये प्रति क्विंटल दिये जाने की मांग के विपरीत उन्हें 280 रूपये प्रति क्विंटल कीमत देने का वायदा किया गया है और वह भी दो किश्तों में।
किसान अपनी दयनीय दशा पर आंसू बहा रहा है लेकिन सारी पार्टियां उनकी इस दशा पर घड़ियाली आसूं बहा रहीं हैं।
कल विधान सभा चुनावों के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ाने जैसी नीतियों से लोग बेहद नाराज हैं। वे आर्थिक नवउदारवाद की नीतियों को समझ रहे हैं। वे यह भी जानते हैं कि भाजपा भी इन्हीं नीतियों की पोषक है और ऊपर से वह समाज को बांटने की कोशिश में लगी हैं। लेकिन जनता किसी भी कीमत पर कांग्रेस को दण्डित करना चाहती थी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अन्य कोई विकल्प सामने न होने के कारण उसने भाजपा को वोट दिया। दिल्ली में एक नया विकल्प उसके सामने था अतएव वहां जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं दिया जबकि भाजपा ने वहां पूरी ताकत झोंक दी थी।

जिलों-जिलों में दिये गये ज्ञापनों में मांग की गई है कि गन्ने का मूल्य रू. 350/- प्रति क्विंटल तत्काल घोषित किया जाये, मिलों पर गन्ने के बकाये का मय ब्याज के भुगतान कराया जाये, समस्त चीनी मिलों को तत्काल चलवाया जाये और उनसे पूरा गन्ना पेराई की गारंटी ली जाये तथा न चलने वाली मिलों का अधिग्रहण किया जाये। गन्ने का समस्त भुगतान एक मुश्त दो सप्ताह के भीतर कराया जाये।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

लोकप्रिय पोस्ट

कुल पेज दृश्य