भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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सोमवार, 14 जुलाई 2014

महंगाई की मार और अपराधों की बाढ़ के विरुध्द भाकपा ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया.

लखनऊ- १४ जुलाई- केंद्र सरकार के लगभग डेढ़ माह के शासनकाल में महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं. राज्य सरकार के कई कदम महंगाई को बढ़ावा देने में मददगार साबित होरहे हैं. प्रदेश में अपराध और अपराधी बेलगाम होचुके हैं. आम जनता त्राहि-त्राहि करने लगी है. महंगाई की मार और अपराधों की बाढ़ से त्रस्त जनता की आवाज को केंद्र और राज्य सरकार तक पहुँचाने और उन्हें इस सबसे राहत दिलाने को आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने समूचे उत्तर प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन आयोजित किये. प्रदर्शनों के उपरांत राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपे गये. भाकपा राज्य सचिव ने दाबा किया कि इन प्रदर्शनों में पार्टी की अपेक्षा से अधिक लोग सडकों पर उतरे. इसका कारण है चुनाव अभियान के दौरान मोदी द्वारा दिया गया “अच्छे दिन लाने” का भरोसा समय से पूर्व ही टूट गया है और जनता अपने को ठगी हुई महसूस कर रही है. यही कारण है कि वह सडकों पर उतरने को बाध्य हुई है. दोपहर होते-होते भाकपा के राज्य मुख्यालय पर जिलों जिलों से जुझारू तरीके से किये गये धरने/प्रदर्शनों की रिपोर्ट आने लगी थी जो प्रेस नोट लिखे जाने तक जारी थी. राजधानी लखनऊ में भाकपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पार्टी के कैसरबाग मुख्यालय से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और वहां एक आमसभा की. प्रदर्शन का नेत्रत्व जिला सचिव मोहम्मद खालिक, सहसचिव ओ.पी.अवस्थी, परमानंद एवं महिला फेडरेशन की नेता आशा मिश्रा एवं कांती मिश्रा ने किया. सभा को संबोधित करते हुये भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी की सरकार पूरी तरह से पिछली केंद्र सरकार के नक़्शे कदम पर चल रही है. अभी इस सरकार को सत्ता संभाले लगभग डेढ़ माह ही हुआ है लेकिन इसने आम जनता के ऊपर इतना बोझ लाद दिया जितना कि डेढ़ साल में भी नहीं लादा जाना चाहिये. सरकार ने दो-दो बार डीजल व पैट्रोल के दाम बढ़ा दिये, रेल किराया और मालभाड़े में असहनीय बढ़ोत्तरी कर दी. सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप चीनी, प्याज, टमाटर तथा खाने-पीने की तमाम चीजों में उल्लेखनीय वृध्दि हुयी है. लगभग तमाम जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी जारी है. रेल बजट और आम बजट से गरीब और आम लोगों को तमाम तरह की राहत की उम्मीद थी लेकिन मोदी सरकार ने पूरी तरह निराश किया है. “अच्छे दिन आने वाले हैं” के नारे पर रीझ कर जनता ने मोदी को अपार बहुमत से सत्तासीन किया था लेकिन आज वही जनता महंगाई की मार से बेजार है. वह कहने लगी है-‘आखिर कब आयेंगे अच्छे दिन’ ? डा.गिरीश ने कहा कि प्रदेश की अखिलेश सरकार ने डीजल पैट्रोल सहित कई वस्तुओं पर टेक्स बढ़ा कर महंगाई बढ़ाने में योगदान किया है. आलू प्याज टमाटर आदि तमाम चीजों की जमाखोरी धड़ल्ले से जारी है और राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है. राज्य अभूतपूर्व बिजली संकट से रूबरू है. अपराधों खासकर महिलाओं पर दुराचरण की जघन्य वारदातें थमने का नाम नहीं ले रहीं. प्रदेश में सांप्रदायिक शक्तियां अपना फन उठा रहीं हैं मगर राज्य सरकार उससे निपट पाने में असमर्थ है. उत्तर प्रदेश की जनता को तो दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि भाकपा जनता को इस तरह लुटते-पिटते नहीं देख सकती. उस समय जब सारी पार्टियाँ हार का मातम मना रहीं हैं और भाजपा जीत का जश्न मनाने में मशगूल है, उत्तर प्रदेश की भाकपा जनता के दर्द निवारण के लिये सडकों पर उतर कर आवाज उठा रही है. यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. कानपुर के राम आसरे पार्क में भाकपा के प्रांतव्यापी आह्वान पर जिला सचिव का. ओमप्रकाश के नेत्रत्व में धरना दिया गया. वहां सम्पन्न सभा की अध्यक्षता राम प्रसाद कनोजिया ने की. सभा को संबोधित करते हुये भाकपा के राज्य सहसचिव अरविन्द राज स्वरूप ने कहा कि मोदी सेकर ने रेल बजट और आम बजट के द्वारा पूरी की पूरी अर्थ व्यवस्था देशी व विदेशी कार्पोरेट्स के हवाले कर दी है. रक्षा और बीमा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होगया है. रेलभाड़ा वृध्दि एवं सब्सिडी कटौती से महंगाई और बढ़ेगी और जनता को और अधिक कठिनाइयों से दो चार होना होगा. हमें आने वाले दिनों में कठिन संघर्षों के लिए भी तैयार रहना होगा. बलिया में पार्टी के जिला सचिव एवं राज्य कार्यकारिणी के सदस्य का. दीनानाथ सिंह के नेत्रत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर एक विशाल धरना दिया गया और आमसभा की गयी. सभा की अध्यक्षता विद्याधर पांडे ने की. महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही. राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में महंगाई के ऊपर कारगर अंकुश लगाने की मांग की गयी. मेरठ में राज्य कार्यकारिणी के सदस्य शरीफ अहमद एवं जिला सचिव राजबाला के नेत्रत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया. पूर्व सचिव कुंदनलाल के नेत्रत्व में एक दस सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला और उन्हें महंगाई और अपराधों पर रोक लगाने हेतु ज्ञापन सौंपा. झाँसी में राज्य कार्यकारिणी सदस्य शिरोमणि राजपूत एवं जिला सचिव भगवानदास पहलवान के नेत्रत्व में जिलाधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया. प्रस्तुत ज्ञापन में महंगाई पर रोक लगाने और बुन्देलखण्ड को सूखा पीड़ित घोषित किये जाने की मांग भी की गयी. बदायूं में जिला सचिव रघुराज सिंह के नेत्रत्व में जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया गया. वहां सम्पन्न सभा को उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के राज्य सचिव फूलचंद यादव ने संबोधित किया. जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में महंगाई पर कारगर अंकुश लगाने और अपराधों को रोके जाने की मांग की गयी. गाज़ियाबाद में जिला सचिव जितेन्द्र शर्मा, बब्बन, शकील अहमद, शरदेन्दु शर्मा के नेत्रत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर व्यापक नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया. इसके बाद एक आमसभा की गयी जिसे अन्य के अतिरिक्त दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. सदाशिव ने भी संबोधित किया. ज्ञापन भी सौंपा गया. सोनभद्र में राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय पर बढ़ी संख्या में लोगों ने धरना/प्रदर्शन किया जिसका नेत्रत्व जिला सचिव रामरक्षा ने किया. सांसद प्रत्याशी अशोक कुमार कनोजिया की अध्यक्षता में सम्पन्न सभा को वसावन गुप्ता, आर. के. शर्मा, ऊदल, अमरनाथ सूर्य आदि ने संबोधित किया. महंगाई और अपराधों पर रोक लगाने संबंधी ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया. बुलंदशहर के स्याना में राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला सचिव अजयसिंह के नेत्रत्व में गांधी मेमोरियल स्कूल से उपजिलाधिकारी कार्यालय तक लम्बा जुलूस निकाला गया जिसमें महिलायें भी बढ़ी तादाद में उपस्थित थीं. बाबा सागरसिंह के नेत्रत्व में एक सभा की गयी तथा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा. औरैय्या में जिला सचिव अतरसिंह कुशवाहा के नेत्रत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया. वरिष्ठ नेता श्रीकृष्ण दोहरे की अध्यक्षता में सभा सम्पन्न हुयी तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. ललितपुर में जिला सचिव बाबूलाल अहिरवार एवं किशनलाल के नेत्रत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया. प्रारंभ में उपजिलाधिकारी ने कार्यकर्ताओं को आन्दोलन न करने की धमकी दी लेकिन भाकपा नेताओं ने जबर्दस्त नारेबाजी के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया. बाद में उपजिलाधिकारी ने आकर ज्ञापन प्राप्त किया. हाथरस में राज्य काउन्सिल सदस्य बाबूसिंह थंबार, जिला सचिव होशियारसिंह एवं कार्यवाहक सचिव चरणसिंह बघेल की अगुआई में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया. इलाहाबाद में वरिष्ठ नेता आर. के. जैन एवं राज्य काउन्सिल सदस्य नसीम अंसारी के नेत्रत्व में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला कचेहरी में धरना दिया और आमसभा की. बाद में एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया. पीलीभीत में जिला सचिव चिरौंजीलाल के नेत्रत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया गया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. जनपद कुशीनगर की कसया तहसील पर जिला सहसचिव का. मोहन गौर के नेत्रत्व में सैकड़ों किसान कामगारों ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी कसया को सौंपा गया. आजमगढ़ जिला कलेक्ट्रेट के बाहर सैकड़ों भाकपा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. रामसूरत यादव की अध्यक्षता एवं जिला सचिव हामिद अली के नेत्रत्व में सम्पन्न सभा को किसानसभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग, रामाज्ञा यादव, श्रीकांत सिंह, सांसद प्रत्याशी हरिप्रसाद सोनकर एवं जितेन्द्र हरि पांडे ने संबोधित किया. गोंडा जिला कलेक्ट्रेट परिसर में भी एक सफल धरने का आयोजन किया गया. वहां सम्पन्न सभा को सुरेश त्रिपाठी, सत्यनारायन तिवारी, दीनानाथ त्रिपाठी, सांसद प्रत्याशी ओमप्रकाश एवं जिला सचिव रघुनाथ गौतम ने संबोधित किया. जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. आगरा में सुभाष पार्क से विशाल जुलूस निकाला गया जो कलेक्ट्रेट पर पहुँच कर आमसभा में तब्दील होगया. सभा को रमेश मिश्रा, तेजसिंह वर्मा, हरविलास दीक्षित, ओमप्रकाश प्रधान एवं जिला सचिव ताराचंद ने संबोधित किया. मथुरा में रजिस्ट्री कार्यालय से प्रारंभ हुआ जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय पहुँच सभा में बदल गया जिसे गफ्फार अब्बास, बाबूलाल, पुरुषोत्तम शर्मा, अब्दुल रहमान आदि ने संबोधित किया. जनपद जालौन के उरई में मजदूर भवन से जिलाधिकारी कार्यालय तक एक प्रभावशाली जुलूस निकाला गया और आमसभा की गयी. सभा को वरिष्ठ नेता कैलाश पाठक, जिला सचिव सुधीर अवस्थी, डा. पाल, विजयपाल यादव एवं विनय पाठक ने संबोधित किया. ज्ञापन में अन्य मांगों के अतरिक्त बुन्देलखण्ड को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी की गयी. अन्य सभी जिलों में भी पहले से ही प्रदर्शनों की तैय्यारी की सूचना है, और वहां से धरनों प्रदर्शनों के समाचार लगातार मिल रहे हैं. डा.गिरीश

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