भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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Communist Party of India, U.P. State Council

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सोमवार, 31 मई 2010

अखिल भारतीय हड़ताल की तैयारी करो - 15 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय कनवेंशन होगा

डा. जी. संजीव रेड्डी, सांसद की अध्यक्षता में गत 5 मई को सम्पन्न केन्द्रीय टेªड यूनियनों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में समस्याओं से ग्रस्त दुखी मेहनतकश आवाम की मुसीबतों का समाधान कर पाने में सरकार के निकम्मेपन पर गंभीर चिंता प्रकट की गयी। केन्द्रीय मजदूर संगठनों ने पहले से ही बेलगाम महंगाई, श्रम कानूनों के उल्लंघन, रोजगार के हो रहे लगातार नुकसान, सार्वजनिक क्षेत्रों में सरकारी पूंजी का विनिवेश और असंगठित मजदूरों के लिये राष्ट्रीय...
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बड़े उद्योगपतियों ने बैंकों के दबाए एक लाख करोड़

जमशेदपुर: सरकारी बैंकों ने पिछले दस साल में बड़े उद्योगपतियों और व्यावसायिक घरानों के एक लाख करोड रुपए से अधिक के ऋण को बट्टे खाते में डाल दिया है। आल इंडिया बैंक एम्पलाइज संघ के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने बताया कि सरकार की गलत बैंकिंग नीतियों के कारण करोड़ों आम लोगअब भी बैंकिंग सुविधाओं से वंचित है।उन्होंने कहा कि रोजगार पैदा करने वाले छोटे और मझोले उद्योगों को ऋण नहीं मिल पा रहा जबकि हर साल लगभग 14 से 15 हजार करोड़ रुपए का ‘बैड लोन’...
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शिकम की आग लिए फिर रहे है शहर-ब-शहर

मैं मुहाजिर नहीं हूं(उपन्यास)बादशाह हुसैन रिजवीसुनील साहित्य सदननई दिल्ली-2मूल्य: 150/- रुपयेबादहशाह रिजवी का ताजा उपन्यास ‘मैं मुहाजिर नहीं हूं’ विभाजन की गहरी पीड़ा और चुभते दंश की सरल-सहज अभिव्यक्ति है। अविभाज्य हिंदुस्तान के कथा नायक शमीम, लाहौर में रेलवे के बड़े अधिकारी हैं। 14 अगस्त 1947 की उस मनहूस रात को उन्हें ज्ञात होता है कि वे हिन्दुस्तान नहीं पाकिस्तान में हैं। बस्ती के एक छोटे से गावं हिल्लौर वासी रेलवे अधिकारी शमीमुल...
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इतिहास रचने का कदम है महिला आरक्षण

इन्दौर 22 मई। ’’सिर्फ संसद में सीटें पाने के लिए महिलाओं ़द्वारा महिला आरक्षण नहीं माँगा जा रहा है, बल्कि ये आजाद भारत की 60 बरसों में बनी तस्वीर को ऐतिहासिक रूप से बदल देगा। महिला आरक्षण को कानून की शक्ल में लागू करवाने के लिए जो अभियान महिला आरक्षण अधिकार यात्रा के रूप में छेड़ा गया है वो इतिहास रचने का अभियान है।’’उक्त बातें यंग वीमैन क्रिष्चियन एसोसिएषन (वाय।डब्ल्यू।सी.ए.) की इंदौर अध्यक्षा सुश्री एनी पँवार ने देषव्यापी महिला...
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परसाई का पुनर्पाठ - "यातना के अनुभाव"

हरिशंकर परसाई की कहानियों में पात्र-वैविध्य की बात हम कर चुके हैं, इस वैविध्य का बहुत बड़ा कारण परिस्थितियां, उनसे जूझते चरित्र का निर्मित होता हुआ मनोविज्ञान और उस सूक्ष्म मनोविज्ञान की पकड़ है। परसाई द्वारा चित्रित मानव-चेहरे यंत्र नहीं हैं, उनकी जीवंत गतिविधियों में से समकालीन जीवन अपनी व्यापकता में झांकता नजर आता है। इसीलिए उनके पात्रों का आचरण, आचरण भर न होकर बहुत कुछ की ओर संकेत करने वाला माध्यम बन जाता है। वह जीवन की जटिलता...
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मई दिवस: तीन ऐतिहासिक घटनाओं की जयंतियां

मई दिवस के बारे में हर साल बहुत कुछ लिखा जाता है। आगे भी लिखा जाएगा। कुछ लोग मई दिवस के अनजान पन्नों की खोज में घटनाओं का अंबार लगाते हैं, तब भी वे अधूरे ही दिखते हैं। असल में श्रमिकों और पूंजीपतियों के बीच हुए संघषों का संपूर्ण कलैंडर बनाना कठिन है। फिर भी ऐसे प्रयत्न होते रहेंगे। लेकिन यहां जो बात ध्यान देने की है, वह यह कि औद्योगिक क्रान्ति के बाद दुनिया में पूंजी और श्रम के रूप मंे जो दो संघर्षशील विपरीत ध्रुव पैदा हो गये,...
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पेंशनयाफ्ता मजदूरों की जेब पर डाका

गत दिनों भारत सरकार ने निजी क्षेत्र में कार्यरत 4.5 करोड़ मजदूरों की जेब पर दिन-दहाड़े डाका डालते हुए कर्मचारी पेंशन योजना 1995 में भारी कटौती कर दी है जबकि 1995 में फैमिली पेंशन स्कीम को कर्मचारी पेंशन योजना में तब्दील करते समय केन्द्र सरकार ने वृद्ध कर्मचारियों की भलाई हेतु बड़े लम्बे चौड़े वायदों का ढोल पीटा था। जगह-जगह सेमिनार- मीटिंग्स आदि किये गये तथा मजदूर संगठनों द्वारा उठाई गई शंकाओं को दरकिनार कर दिया गया। फैमिली पेंशन योजना...
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चरदा का किसान आन्दोलन

जमींदारी उन्मूलन विधेयक विधान सभा में पास होने के कुछ दिन पूर्व संयुक्त प्रान्त (उत्तर प्रदेश) सभी राजाओं, तालुकेदारों तथा जमींदारों की एक बैठक जनपद बहराइच के चरदा किला (राजा बलरामपुर की एक तहसील) के पास बुलाई गयी थी। इस सभा का आयोजन महाराजा बलरामपुर पटेश्वरी प्रसाद सिंह ने किया था।इस आम सभा में संयुक्त प्रान्त के राजाओं के संघ को बुलाया गया था। इसमें जमींदारी उन्मूलन कानून सरकार द्वारा वापस लेने के लिये प्रस्ताव पास करके सरकार...
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बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा कृषि में दखल

सरकार ने घोषणा की है कि संसद के वर्तमान सत्र में बायोटेक्नोलोजी नियंत्रण आथोरिटी बिल (बीआरएआई-ब्राई) 2009 पेश किया जायेगा। इसमें संदेह नहीं है कि हर क्षेत्र और खासकर कृषि और बायो टेक्नोलोजी में वैधानिक नियंत्रण प्राधिकरण होना चाहिए। इस प्राधिकरण का काम राष्ट्रीय हित में और खासकर कृषि, पर्यावरण और जनहित के कार्यों से जुड़ा होना चाहिए। इंटरनेट पर उपलब्ध केन्द्रीय सरकार के द्वारा तैयार किये गए बिल से ऐसा लगता है कि जेनेटिक इंजीनियरिंग,...
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बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा कृषि में दखल

सरकार ने घोषणा की है कि संसद के वर्तमान सत्र में बायोटेक्नोलोजी नियंत्रण आथोरिटी बिल (बीआरएआई-ब्राई) 2009 पेश किया जायेगा। इसमें संदेह नहीं है कि हर क्षेत्र और खासकर कृषि और बायो टेक्नोलोजी में वैधानिक नियंत्रण प्राधिकरण होना चाहिए। इस प्राधिकरण का काम राष्ट्रीय हित में और खासकर कृषि, पर्यावरण और जनहित के कार्यों से जुड़ा होना चाहिए। इंटरनेट पर उपलब्ध केन्द्रीय सरकार के द्वारा तैयार किये गए बिल से ऐसा लगता है कि जेनेटिक इंजीनियरिंग,...
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देशांतर/चोरी छिपाये न छिपे - अंतोन चेखव

तीन देहाती घोड़ों के पीछे, बेहद एहतियात बरतते हुए अपनी शिनाख्त महफूज रख, पीटर पॉसुडिन किसी गुमनाम खत की पुकार के वश-पीछे की गलियों से ‘एनः प्रांत’ के छोटे से आंचलिक नगर की ओर-कदम उछालता चला जा रहा था।“कितना प्रच्छन्न; वाह; धुंए समान काफूर हो आया हूं ना- कोट की गरेबान में चेहरा लुपकाया वह मन ही मन इतराया। अपनी वाहियात षडयंत्री योजनाओं की कामयाबी के बाद, अब, इस ख्याल-कि कितनी चालाकी दिखा उन्होंने रास्ते फुदक लिये-से बेहद प्रफुल्ल...
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संप्रग-2 सरकार का एक साल

22 मई को संप्रग-2 सरकार ने अपना पहला साल पूरा कर लिया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उस दिन एक भोज देने वाले थे। उस दिन की शुरूआत मंगलौर हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के साथ हुई जिसमें 158 यात्री काल कवलित हो गये। संप्रग-2 के एक वर्ष के दौरान केन्द्रीय सरकार द्वारा नियंत्रित यातायातसाधनों की दुर्घटनाओं में एक हजार से अधिक यात्री मारे गये। यह संप्रग-2 की कार्यकुशलता की एक बानगी है।संप्रग-1 सरकार से वामपंथ...
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कामरेड वेद वर्मा दिवंगत

भाकपा फैजाबाद के जिला मंत्री कामरेड वेद वर्मा का 19 मई को एक सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया।कामरेड वर्मा 1980 में नौजवान सभा में अपनी सक्रियता के दौरान पार्टी के सदस्य बने थे। वे इसके पूर्व कई सालों तक फैजाबाद भाकपा के सह सचिव रहे। कई वर्षों बाद फैजाबाद जिला सचिव के रूप में अपनी स्वतंत्र भूमिका स्थापित करने में वे सफल रहे थे। उनके निधन से पार्टी को तीव्र झटका लगा है। उनके निधन का समाचार मिलते ही राज्य केन्द्र पर शोक का माहौल...
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शुक्रवार, 28 मई 2010

CPI ON RAILWAY ACCIDENT IN WEST BENGAL

The whole country is shocked and stunned at the horrendous accident that has taken place in the Jhargram area of West Midnapore district of West Bengal. The death toll is going up in every hour and it is expected to cross more than hundred with more than two hundred among injured.The Communist Party of India expresses its deep sorrow and grief at the incident and conveys its condolences to the families of those who have died.It...
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रविवार, 23 मई 2010

भाकपा द्वारा जन समस्याओं पर जन अभियान जारी रखने का फैसला

लखनऊ 23 मई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में देश एवं प्रदेश की राजनैतिक स्थिति पर गंभीर चर्चा के बाद जन-आन्दोलन एवं संगठन के विस्तार संबंधी कई निर्णय लिये गये। पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पतालों के निजीकरण, प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की दशा सुधारने, अस्पतालों में डाक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की रिक्त जगहों को भरे जाने, प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ाने,...
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शनिवार, 22 मई 2010

Bardhan demands shifting POSCO steel plant site

South Asia Mail today reported as under :Bhubaneswar, May 21 (IANS) The agitation over the $12 billion steel project by South Korean steel major POSCO in Orissa seemed nowhere near its end Friday with the Communist Party of India demanding a change in the location of the greenfield plant. "We want the whole project to be shifted from the...
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सड़क परिवाहन श्रमिकों का अखिल भारतीय विराट धरना

२३ अप्रैल २०१० को नेशनल फेडरेशन ऑफ इण्डियन रोड ट्रान्सपोर्ट वर्कर्स (एन।एफ.आई.आर.टी.डब्ल्यू.) के आह्वान पर देश के हर कोने से आये हजारों सड़क परिवहन श्रमिकों ने नई दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर अखिल भारीतय विराट धरना आयोजित किया। इनमें से अधिकांश राज्य सड़क परिवहन उपक्रमों के श्रमिक थे, जबकि शेष निजी क्षेत्र के यात्री सड़क परिवहन एवं माल सड़क परिवहन के श्रमिक थे।ईशर सिंह, बी. रामाराव, बल्देव सिंह, घनघस एवं एच.वी. अनन्त सुब्बाराव की अध्यक्ष...
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मुंबई किसकी...?

मुंबई किसकी? दिल्ली किसकी? और फिर चेन्नई और कोलकाता किसका? यह सिलसिला कहां रूकेगा? कोई पूछेगा भारत किसका?दिल्ली छोड़कर बाकी तीनों महानगरों के नाम आजाद भारत में क्षेत्रीय बोलचाल के अनुरुप ढाले गये। पर नये नामकरण का मतलब यह तो नहीं कि मुकामी सरदारों को महानगरों का ठेकेदार बनने दिया जाय और जनगण को इन्हीं ठेकेदारों की मनमर्जी के हवाले कर दिया जाय। इतिहास साक्षी है कि दिल्ली में कोई पंद्रह राजे-महारजे हुए और दिल्ली कम से कम पंद्रह मर्तबा...
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